नोएडा के फर्म संचालक पर सवा 15 लाख हड़पने का आरोप
क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित एक निर्माण कंपनी ने नोएडा की एक फायरफाइटिंग एवं वेंटिलेशन सेवा प्रदाता फर्म के संचालक पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी और आपराधिकविश्वासघात करने का आरोप लगाया है।
क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित एक निर्माण कंपनी ने नोएडा की एक फायर
फाइटिंग एवं वेंटिलेशन सेवा प्रदाता फर्म के संचालक पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी और आपराधिक
विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। डीसीपी ग्रामीण से शिकायत के बाद थाना पुलिस ने आरोपी फर्म
संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गणपति कांट्रेक्टर्श के अधिकृत
प्रतिनिधि अनिल गुप्ता ने डीसीपी नगर को शिकायत देकर बताया कि नोएडा सेक्टर-63 स्थित सैन
इंफोटेक सर्विसेज के प्रोपराइटर के संजय कुमार ने स्वयं को प्रतिष्ठित ठेकेदार बताकर उनकी कंपनी से
संपर्क किया था। संजय ने विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में कार्य करने का दावा करते हुए विश्वास
हासिल कर क्लॉक टावर और अजनारा हेरिटेज परियोजनाओं में फायर फाइटिंग एवं वेंटिलेशन कार्य के दो
वर्क ऑर्डर प्राप्त किए। अनिल गुप्ता के मुताबिक, कंपनी ने कार्य निष्पादन के लिए सैन इंफोटेक
सर्विसेज को बैंक ट्रांसफर के माध्यम से कुल 32.33 लाख रुपये का भुगतान किया। इनमें फायर
फाइटिंग कार्य के लिए लगभग 21.56 लाख रुपये व वेंटिलेशन कार्य के लिए 10.76 लाख रुपये शामिल
हैं। भुगतान के बाद फर्म ने कुछ समय तक आंशिक कार्य किया और विश्वास बनाए रखने के लिए तीन
बिल भी जारी किए। हालांकि, बाद में कार्य अचानक बंद कर दिया गया। कंपनी के अनुसार, सैन इंफोटेक
सर्विसेज की ओर से किए गए कार्य और प्रस्तुत बिलों की कुल राशि 17.02 लाख रुपये ही बनती है,
जबकि उससे कहीं अधिक भुगतान पहले ही किया जा चुका था। इस प्रकार 15.31 लाख रुपये की राशि
फर्म के पास बकाया रह गई। शिकायत में यह भी आरोप है कि जब कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सैन
इंफोटेक सर्विसेज के बताए गए कार्यालय पते की पुष्टि के लिए भेजा तो वहां ऐसा कोई कार्यालय
संचालित नहीं मिला। अनिल गुप्ता ने शिकायत के साथ वर्क ऑर्डर, बैंक भुगतान प्रमाण, रद्द चेक की
प्रति, व्हॉट्सएप चैट के प्रिंटआउट, सैन इंफोटेक सर्विसेज के बिल, पैन कार्ड, जीएसटी पंजीकरण
प्रमाणपत्र और बही-खाते की प्रतियां जांच के लिए उपलब्ध कराई हैं। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल का
कहना है कि शिकायत के आधार पर आठ जून को क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया
है। उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड की जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की
जाएगी।
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