श्रीमद्भगवद्गीता को अपने जीवन में धारण करने से होगा देश व समाज की अनेकों बुराइयों का समाधान : आचार्य बसन्त लाल चतुर्वेदी

वृन्दावन।राधा निवास क्षेत्र स्थित श्रीभक्तिकुसुम गौडीय मठ में श्रीधर गौडीय गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रील भक्तिकुसुम श्रमण गोस्वामी महाराज का त्रिदिवसीय 39वां तिरोभाव महोत्सव

Dec 1, 2025 - 22:15
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श्रीमद्भगवद्गीता को अपने जीवन में धारण करने से होगा देश व समाज की अनेकों बुराइयों का समाधान : आचार्य बसन्त लाल चतुर्वेदी

श्रीमद्भगवद्गीता को अपने जीवन में धारण करने से होगा देश व समाज की अनेकों बुराइयों का समाधान : आचार्य बसन्त लाल चतुर्वेदी

(डॉ. गोपाल चतुर्वेदी)

वृन्दावन।राधा निवास क्षेत्र स्थित श्रीभक्तिकुसुम गौडीय मठ में श्रीधर गौडीय गुरुकुल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में श्रील भक्तिकुसुम श्रमण गोस्वामी महाराज का त्रिदिवसीय 39वां तिरोभाव महोत्सव और 17वां गीता जयंती वार्षिक महोत्सव के दूसरे दिन गौडीय सम्प्रदायाचार्य श्रील भक्ति किंकर श्रीधर गोस्वामी महाराज के पावन सानिध्य में गीता जयंती प्रतिभा प्रदर्शन प्रतियोगिता, ठाकुरजी की मंगला आरती एवं भजन संध्या आदि के कार्यक्रम भी सम्पन्न हुए।

इस अवसर पर आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए पुष्टि मार्ग के प्रकांड विद्वान आचार्य बसन्त लाल चतुर्वेदी महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवदगीता विश्व का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसकी जयंती मनाई जाती है।इसका उद्भव स्वयं अखिल कोटि ब्रह्माण्ड नायक परब्रह्म परमेश्वर भगवान श्रीकृष्ण की जिह्वा से हुआ है।हम लोग यदि इस ग्रंथ को अपने जीवन में धारण करलें, तो देश व समाज की अनेकों बुराइयों का समाधान हो सकता है।श्रीभक्तिकुसुम गौडीय मठ के अध्यक्ष श्रील भक्ति किंकर श्रीधर गोस्वामी महाराज ने कहा कि हमारे पूज्य सदगुरुदेव श्रील भक्तिकुसुम श्रमण गोस्वामी महाराज गौडीय संप्रदाय की बहुमूल्य विभूति थे।उन्होंने अपना समूचा जीवन गौडीय संप्रदाय के संवर्धन व उत्थान के लिए समर्पित किया।इसके लिए हम उन्हें बारंबार प्रणाम करते हैं।


प्रख्यात साहित्यकार "यूपी रत्न" डॉ. गोपाल चतुर्वेदी एवंब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता हमें हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा से परिचित कराती है।इस ग्रंथ से प्राप्त ज्ञान हमारे संदेहों को दूर करता है।साथ ही हमारे आत्मविश्वास का निर्माण करता है।इसीलिए आज गीता जयंती के अवसर पर भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से गीता की उद्गम स्थली कुरुक्षेत्र में वृहद स्तर पर गीता जयंती महामहोत्सव मनाया जा रहा है।कार्यक्रम के अंतर्गत गीता जयंती प्रतिभा प्रदर्शन प्रतियोगिता में उत्तीर्ण हुए माधव दास, गोपाल बैनर्जी, गोविंद बनर्जी, आकाश दीक्षित, आसाराम तिवारी, ओम ओझा, गौरव द्विवेदी एवं निहाल मिश्र को पुरुस्कृत किया गया।साथ ही उन्हें प्रमाण पत्र, शील्ड एवं पटुका ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर चतु: संप्रदाय के श्रीमहन्त फूलडोल बिहारीदास महाराज, पूर्व प्राचार्य डॉ. राम सुदर्शन मिश्र, चार संप्रदाय आश्रम के महंत ब्रज बिहारी दास महाराज, पण्डित रामगोपाल शास्त्री, संत रामदास महाराज, वेदप्रकाश सोनी, प्रमुख शिक्षाविद् जगदीश नीलम, युवा साहित्यकार डॉ. राधाकांत शर्मा, पंडित प्रभाकर झा, पंडित अरुण दीक्षित आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।संचालन डॉ. रमेश चंद्राचार्य विधिशास्त्री महाराज ने किया।

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