बुलंदशहर में पुलिस अधिकारियों को नए कानूनों का प्रशिक्षण
बुलंदशहर में रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने आईपी कॉलेज सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया।
बुलंदशहर में पुलिस अधिकारियों को नए कानूनों का प्रशिक्षण
आज़ का मुद्दा
बुलंदशहर में रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने आईपी कॉलेज सभागार में एक कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, क्राइम ब्रांच के विवेचकों और वर्ष 2023 बैच के 220 उप निरीक्षकों को नए आपराधिक कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य विवेचनाओं की गुणवत्ता बढ़ाना था।
इस अवसर पर अपर जिला जज प्रमोद कुमार गुप्ता, अपर जिला जज/अतिरिक्त पोक्सो अधिनियम योगेश कुमार द्वितीय, अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहजाद अली, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविरल सिंह, डीजीसी क्रिमिनल राहुल उपाध्याय और संयुक्त निदेशक अभियोजन संजय कुमार गुप्ता ने भी भाग लिया। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के न्यायिक दृष्टिकोण, प्रचलित विधिक व्यवस्थाओं और प्रभावी विवेचना के लिए आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने नए कानूनों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने 'शून्य एफआईआर' (Zero FIR) की अवधारणा, ई-एफआईआर, समयबद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण से संबंधित प्रावधानों की जानकारी दी।
इसके अतिरिक्त, नए अपराधों, प्रौद्योगिकी एवं फोरेंसिक विज्ञान के उपयोग से जुड़े प्रावधानों तथा पीड़ित-केंद्रित प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।एसएसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुणवत्तापूर्ण विवेचना से अभियोजन की सफलता बढ़ती है और पीड़ित को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित होता है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नए कानूनों का गंभीरता से अध्ययन करें और उन्हें व्यवहार में प्रभावी रूप से लागू करें।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विवेचनाओं को प्रभावी गुणवत्ता के साथ पूरा करना था। इसका लक्ष्य 'ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान' के तहत अभियुक्तों को सजा दिलाने में बेहतर परिणाम प्राप्त करना है।
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