विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025
भारत के लिए 27 सितम्बर 2025 का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गया। राजधानी नई दिल्ली के पं. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पहली बार विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का शुभारंभ हुआ।
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025
नई दिल्ली :भारत के लिए 27 सितम्बर 2025 का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों से दर्ज हो गया। राजधानी नई दिल्ली के पं. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पहली बार विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप का शुभारंभ हुआ। 5 अक्टूबर तक चलने वाला यह आयोजन न केवल खेल जगत बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
यह प्रतियोगिता भारत के खेल इतिहास का मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि 104 देशों से आए लगभग 2200 पैरा-एथलीट इसमें हिस्सा ले रहे हैं। यह पहला अवसर है जब भारत इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप की मेजबानी कर रहा है।
प्रधानमंत्री का संदेश :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन अवसर पर अपने संदेश में कहा –
“यह टूर्नामेंट मानवीय दृढ़ संकल्प और जज़्बे का उत्सव है। मुझे विश्वास है कि यह आयोजन पूरी दुनिया में एक अधिक समावेशी और जीवंत खेल संस्कृति को प्रेरित करेगा।”पीएम का यह संदेश खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए उत्साहवर्धन का स्रोत बन गया।
मुख्य आकर्षण :
मेजबानी – भारत को इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है।
प्रतिभागी – 104 देशों से लगभग 2200 पैरा-एथलीट हिस्सा ले रहे हैं।
नई दिल्ली। पदक स्पर्धाएं – कुल 186 स्पर्धाएं, जिनमें पुरुषों के लिए 101, महिलाओं के लिए 84 और 1 मिश्रित स्पर्धा शामिल है।
भव्य उद्घाटन समारोह :
नेहरू स्टेडियम रंग-बिरंगी रोशनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खिलाड़ियों की मार्च पास्ट से गूंज उठा। भारत की विविधता और एकता को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोह लिया। दुनिया भर से आए खिलाड़ियों का जब गर्मजोशी से स्वागत किया गया तो दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल देशभक्ति और उत्साह से भर दिया।
डॉ. ऋचा पांडेय की अहम भूमिका :
इस आयोजन में एडवोकेट डॉ. ऋचा पांडेय (सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया) की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय है। उन्हें इस चैम्पियनशिप का इंटरनेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।
खास बात यह है कि डॉ. ऋचा पांडेय चित्रकूट की बेटी हैं। उन्होंने न सिर्फ भारत का बल्कि अपने क्षेत्र का नाम भी गौरवान्वित किया है। चित्रकूट के लोगों के लिए यह अवसर गर्व और खुशी का है। पूरे क्षेत्र में डॉ. पांडेय की उपलब्धि को लेकर उत्सव जैसा माहौल है।
विशेषज्ञों की राय :
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह आयोजन भारत के खेल परिदृश्य को नई दिशा देगा। पैरा-एथलीटों का जज़्बा और संघर्ष नई पीढ़ी को प्रेरणा देगा। इस आयोजन से भारत की वैश्विक खेल पहचान और मजबूत होगी।
विश्व पैरा एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2025 केवल खेल प्रतियोगिता भर नहीं है, बल्कि यह मानवता, साहस और दृढ़ निश्चय का उत्सव बन चुकी है। यह आयोजन न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खेल भावना, समानता और समावेशिता का संदेश लेकर आया है।
नई दिल्ली में हो रही यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता आने वाले समय में उन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी जो अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं।
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