आज़ का मुद्दा आशीष कुमार
स्याना (बुलंदशहर)। सहकारी गन्ना विकास समिति स्याना के अंतर्गत गन्ना क्रय केंद्रों के आवंटन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गन्ना क्रय केंद्रों के आवंटन में कथित अनियमितताओं और किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय उपभोक्ता जागृति मंच के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को उठाया और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश चंद्र त्यागी ने बताया कि चंदनपुर शुगर मिल क्षेत्र के गन्ना किसानों की मांगों को लेकर सहकारी गन्ना विकास समिति स्याना में प्रस्ताव रखा गया था। आरोप है कि कुछ गन्ना क्रय केंद्र किसानों की मांग के अनुरूप आवंटित करने के बजाय अन्य क्षेत्रों में आवंटित कर दिए गए। इससे संबंधित किसानों में असंतोष है।

मंच की ओर से समिति के सचिव एवं अध्यक्ष को पत्र भेजकर गन्ना क्रय केंद्रों के आवंटन की निष्पक्ष समीक्षा कराने और व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्रों का निर्धारण करते समय गांवों की दूरी, किसानों की सुविधा और गन्ने की आपूर्ति में होने वाली परेशानी को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
महेश चंद्र त्यागी ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्याओं का समाधान करना जरूरी है। किसानों को दूर स्थित क्रय केंद्रों पर गन्ना ले जाने में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवंटन व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों ने संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की। फिलहाल किसानों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। समिति के अधिकारियों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।