आज़ का मुद्दा आशीष कुमार
बुलंदशहर। समान कार्य-समान वेतन, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। जनपद मुख्यालय के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों ने प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।धरने का नेतृत्व संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि एनएचएम के संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने अपने जीवन और परिवार की चिंता किए बिना जनता तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
वर्तमान में टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन, संचारी एवं गैर संचारी रोगों की रोकथाम और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।जिलाध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित कई राज्यों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना, महंगाई भत्ता, स्थानांतरण, ईपीएफ, सामाजिक सुरक्षा और सेवा सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के संविदा कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
संघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम मांगपत्र के माध्यम से नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन के साथ वर्तमान वेतन में वृद्धि की मांग की। इसके अलावा कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, महंगाई भत्ता, ग्रेच्युटी, रिक्त पदों के सापेक्ष जनपद स्थानांतरण और सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग उठाई गई। आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित पदों की भर्ती में कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की भी मांग की गई।

12 अक्टूबर से लखनऊ में हड़ताल की चेतावनी
जिला महामंत्री डॉ. तहसीन रजा ने बताया कि कर्मचारियों ने पांच, छह और सात अक्टूबर को काली पट्टी बांधकर काम करते हुए सांकेतिक विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालय पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार कर विरोध जारी रखने का निर्णय लिया गया है।जिला उपाध्यक्ष डॉ. योगेश शर्मा ने कहा कि यदि संगठन की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया और राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा कि इसके चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भी पहुंचकर संविदा कर्मचारियों को समर्थन देने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर हरिप्रसाद, डॉ. विनीत त्यागी, दिनेश कुमार, संदीप राघव, डॉ. संतोष, डॉ. विनीत, डॉ. पुष्पेंद्र, सौरव तोतिया, जितेंद्र राणा, योगेश पुंडीर, गौरव गुप्ता, अंजलि, प्रियंजन शर्मा, सुदेश शर्मा, प्रीति चौधरी, शशि बाला, डॉ. खुशबू तिवारी, निशा, हेमलता, कुसुम वर्मा, सोनम कुमारी, कृष्णा, बबीता, प्रिया, श्वेता, किशन कुमार, यश पुंडीर, जयदीप सिंह, भारत सिंह, डॉ. राकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, ललित कुमार, सत्यजीत शर्मा, अभिषेक शुक्ला, डॉ. परवेज आलम, कलीम अहमद, सविता रानी, अजय कुमार, संदेश कुमार, पुष्पन कौर, नौशाद, सुनील, सचिन, हिमांशु राणा, विवेक राज और मनोज कुमार सहित सैकड़ों संविदा कर्मचारी मौजूद रहे।