यमुना सिटी। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में सैमवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड (SAMIL) ने लगभग 3,491 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह से मुलाकात की। प्रस्तावित निवेश के तहत ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण कलपुर्जों के निर्माण के लिए आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में लगभग 15,000 से 20,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार, परियोजना में वायरिंग हार्नेस, पीवीसी इंसुलेटेड वायर, रियर-व्यू मिरर, वाहनों की आंतरिक एवं बाहरी मिरर प्रणालियों, ऑटोमोबाइल लाइटिंग सिस्टम, कटिंग टूल्स, इंजेक्शन मोल्डिंग और अन्य वाहन उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अत्याधुनिक प्लांट, मशीनरी, टूलिंग, असेंबली और टेस्टिंग सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
प्लांट और मशीनरी पर खर्च होंगे 1,928 करोड़ रुपये
प्रस्तावित निवेश में सबसे बड़ी हिस्सेदारी प्लांट और मशीनरी पर खर्च की जाएगी। कंपनी की ओर से दिए गए विवरण के मुताबिक, कुल 3,491 करोड़ रुपये में से 1,928 करोड़ रुपये प्लांट एवं मशीनरी, 997 करोड़ रुपये भवन निर्माण, 383 करोड़ रुपये यूटिलिटी सुविधाओं और 183 करोड़ रुपये भूमि पर खर्च करने का प्रस्ताव है।
47 देशों में फैला है कंपनी का कारोबार
सैमवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड वैश्विक स्तर पर ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स की प्रमुख आपूर्तिकर्ता कंपनियों में शामिल है। कंपनी के अनुसार, उसके विनिर्माण और परिचालन नेटवर्क में 47 देशों में 425 से अधिक इकाइयां शामिल हैं। कंपनी वायरिंग हार्नेस, मिरर, लाइटिंग सिस्टम और अन्य ऑटोमोबाइल उपकरणों की आपूर्ति प्रमुख वाहन निर्माताओं को करती है।
प्रस्तावित निवेश से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स विनिर्माण से जुड़े सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं हैं।यह परियोजना यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-6 और सेक्टर-7 में करीब 150 एकड़ भूमि पर लाने की योजना है, जहां ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स के निर्माण के लिए आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।