वीरेश तिवारी
आज जब देश भारतीय वायुसेना का 94वाँ स्थापना दिवस मना रहा है, तब हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से उठती विमानों की गर्जना केवल शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि हर भारतीय के विश्वास की आवाज है।
1932 में एक छोटी शुरुआत से लेकर आज राफेल, तेजस, सुखोई और आधुनिक मिसाइल प्रणालियों से सुसज्जित भारतीय वायुसेना तक का सफर भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता और आत्मनिर्भरता की कहानी है। हिंडन में हुए पूर्वाभ्यास ने एक बार फिर दिखाया है कि हमारे वायु योद्धा हर चुनौती के लिए तैयार हैं।

वायुसेना की असली ताकत केवल अत्याधुनिक विमान नहीं, बल्कि उन जांबाज सैनिकों का साहस, अनुशासन और त्याग है जो देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हर पल तैयार रहते हैं।आसमान के ये प्रहरी हमें भरोसा देते हैं कि भारत की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि आकाश में भी पूरी मजबूती से सुरक्षित है।
भारतीय वायुसेना के सभी वीर जवानों, अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को वायुसेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
जय हिंद! 🇮🇳
वीरेश तिवारी
स्तंभकार एवं लेखक