भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 26 October 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
अशोक सिंघल जन्म शताब्दी समारोह में शामिल हुईं भाजपा नेता रंजना सिंह, बताया प्रेरणास्रोत नितिन नवीन: युवा नेतृत्व के भरोसे भाजपा की नई पीढ़ी मोदीनगर में श्री राज कायमी दरबार का 29वां वार्षिक महोत्सव, संतों के सत्संग और प्रवचनों से भक्त होंगे लाभान्वित पीईटी परीक्षा को नकलविहीन कराने के लिए एसपी सिटी ने झाड़ा डंडा, परीक्षा केंद्रों का किया औचक निरीक्षण धारा के विपरीत बहने का साहस: सोशल प्रोग्रेस एसोसिएशन की पहचान मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मेगा विधिक सहायता एवं जागरूकता शिविर की तैयारियों की समीक्षा दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण: BS-IV से नीचे की बसों के प्रवेश पर 1 नवंबर से रोक गांव में शिक्षा को मिलेगी डिजिटल उड़ान, राज्यसभा सांसद ने किया डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन MLC चुनाव का मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न, बैरन हॉल में बनी अस्थाई स्ट्रांग रूम में जमा हुईं मतपेटिकाएं शान्तिपूर्ण मतदान के लिए भ्रमणशील रहे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
National

₹74 की दवा पर ₹4,980 की MRP—आखिर इतना बड़ा अंतर क्यों?

मरीज और उसके परिवार को दवा की असली कीमत, MRP और अस्पताल की खरीद कीमत के बारे में पारदर्शी जानकारी मिलनी चाहिए।

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 05 Oct 2026, 09:27 PM | Views: 0 | 1 मिनट पढ़ें
₹74 की दवा पर ₹4,980 की MRP—आखिर इतना बड़ा अंतर क्यों?

उत्तर प्रदेश में अस्पतालों की फार्मेसियों की जांच में दवाओं की कीमतों को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक इंजेक्शन जिसकी अस्पताल की खरीद कीमत लगभग ₹74 थी, उसी पर ₹4,980.94 की MRP दर्ज मिली। यानी खरीद कीमत और MRP में करीब 67 गुने का अंतर!

यह सिर्फ एक दवा का मामला नहीं बताया जा रहा। जांच में कई ऐसी दवाएं मिलीं जिनकी MRP खरीद कीमत से कई गुना अधिक थी।

सवाल यह है कि दवाओं की कीमत तय करने की व्यवस्था में इतनी बड़ी खाई कैसे बन रही है?

मरीज और उसके परिवार को दवा की असली कीमत, MRP और अस्पताल की खरीद कीमत के बारे में पारदर्शी जानकारी मिलनी चाहिए।

यह किसी एक अस्पताल या व्यक्ति पर आरोप लगाने का विषय नहीं है—यह पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और मरीज के हित का सवाल है।

 

मैं वीरेश तिवारी, जनहित में सरकार और संबंधित विभाग से मांग करता हूं कि ऐसे मामलों की पूरी जांच हो और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय की जाए।

संपादकीय नोट: इस लेख में अभी पर्याप्त मूल विवरण नहीं है, इसलिए इसे खोज इंजन के लिए सीमित रखा गया है। प्रकाशन से पहले रिपोर्ट में तथ्य, पृष्ठभूमि, स्थानीय असर और स्रोत-संबंधी जानकारी जोड़ें।
आज का मुद्दा Hindi News Breaking News National

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें