इंदिरापुरम (गाजियाबाद),
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित साया गोल्ड एवेन्यू सोसायटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के पंजीकरण, प्रबंधन समिति और बैंक खाते को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। AOA ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) और डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की हालिया प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे एकपक्षीय और जल्दबाजी में की गई कार्रवाई बताया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस पूरे मामले में उसका पक्ष सुने बिना लिए गए फैसलों का सीधा असर सोसायटी के करीब 1620 परिवारों पर पड़ सकता है।
बैंक खाता फ्रीज करने पर AOA ने उठाए सवाल
AOA ने सबसे गंभीर आपत्ति एसोसिएशन के बैंक खाते को फ्रीज किए जाने को लेकर जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि बिना स्पष्ट जांच निष्कर्ष, वित्तीय अनियमितताओं के प्रमाणों की समुचित पड़ताल और संबंधित पक्ष को सुनवाई का उचित अवसर दिए जाने की पुष्टि के बिना इतनी कठोर कार्रवाई करना निष्पक्ष प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
AOA के मुताबिक, बैंक खाता फ्रीज होने से सोसायटी की सुरक्षा, साफ-सफाई, बिजली, पानी, लिफ्ट और अन्य जरूरी रखरखाव सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसका खामियाजा किसी एक पदाधिकारी को नहीं, बल्कि सोसायटी में रहने वाले सभी 1620 परिवारों को भुगतना पड़ सकता है।

शिकायतों के आधार पर जल्दबाजी में कार्रवाई का आरोप
एसोसिएशन का आरोप है कि कुछ व्यक्तियों की शिकायतों के आधार पर GDA और डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय ने तेजी से कार्रवाई की, जबकि AOA के गठन, पंजीकरण, जनरल बॉडी मीटिंग, चुनाव, प्रबंधन समिति और बायलॉज से जुड़े दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच तथा संबंधित प्रतिनिधियों का पक्ष सुनने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
AOA ने सवाल उठाया है कि क्या प्रशासन ने कोई आदेश जारी करने से पहले एसोसिएशन के गठन और पंजीकरण से संबंधित सभी दस्तावेजों का समुचित परीक्षण किया था?
पंजीकरण निरस्त करने का अंतिम आदेश नहीं होने का दावा
AOA ने अपने पक्ष में कहा है कि उपलब्ध सरकारी पत्राचार में एसोसिएशन का पंजीकरण निरस्त किए जाने का कोई अंतिम आदेश दिखाई नहीं देता। एसोसिएशन ने GDA के 29 अक्टूबर और 04 नवंबर 2026 तथा डिप्टी रजिस्ट्रार के 28 अक्टूबर और 31 अक्टूबर 2026 के पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि वह अपना पक्ष और सभी जरूरी दस्तावेज संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए तैयार है।
एसोसिएशन ने यह भी आग्रह किया है कि किसी अंतरिम निर्देश या शिकायत को अंतिम प्रशासनिक निष्कर्ष के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।

निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत द्वेष से शिकायतें करने की आशंका
AOA ने मौजूदा विवाद के पीछे कुछ लोगों के निजी स्वार्थ और व्यक्तिगत द्वेष की आशंका भी जताई है। एसोसिएशन का आरोप है कि कुछ व्यक्ति सदस्यता या प्रबंधन में अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप भूमिका नहीं मिलने से नाराज हो सकते हैं और शिकायतों के माध्यम से एसोसिएशन की कार्यप्रणाली को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, AOA ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी के पास वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता से संबंधित ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सक्षम प्राधिकारी के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए। एसोसिएशन निष्पक्ष जांच और स्वतंत्र ऑडिट के लिए पूरी तरह तैयार है।
निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनने की मांग
साया गोल्ड एवेन्यू AOA ने साफ किया है कि उसे पारदर्शिता, जवाबदेही और वैधानिक जांच से कोई आपत्ति नहीं है। उसकी मांग है कि किसी एक पक्ष की शिकायत को आधार बनाकर निर्णय लेने के बजाय सभी संबंधित पक्षों को सुनने और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाए।
एसोसिएशन ने अपने अधिकारों और 1620 परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध कानूनी एवं वैधानिक विकल्प अपनाने की बात कही है।
**अब बड़ा सवाल यह है कि क्या GDA और डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय AOA की आपत्तियों और दस्तावेजों पर दोबारा निष्पक्ष सुनवाई करेंगे? क्या बैंक खाते से जुड़ी कार्रवाई के कारण सोसायटी की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित होने से बचाई जा सकेंगी?
फिलहाल, इस पूरे मामले में AOA का पक्ष सामने आया है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष और कार्रवाई के आधार से जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
**साया गोल्ड एवेन्यू अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन का कहना है—हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता और 1620 परिवारों के अधिकारों के लिए है।
*न्याय, निष्पक्षता और निवासियों के हित सर्वोपरि।