उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में बीडा ने अपना विशेष स्टॉल लगाया है, जहां प्राधिकरण की भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित किया जा रहा है। इस ट्रेड शो में बीडा के स्टॉल पर निवेशकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और देश-विदेश के उद्यमी बुंदेलखंड में निवेश को लेकर भारी उत्साह दिखा रहे हैं। गौतमबुद्ध नगर के बाद अब पूरे प्रदेश की निगाहें बुंदेलखंड में होने वाले इस महाविकास पर टिकी हुई हैं।
ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे इस प्रतिष्ठित ट्रेड शो में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से मौजूद हैं। मेले में बीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय खत्री, फाइनेंस एंड अकाउंट ऑफिसर मनोज जयंत, मैनेजर सिस्टम श्रीमती सुषमा, सीनियर मैनेजर इलेक्ट्रिकल्स विशाल वर्मा और मैनेजर सिविल योगेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ आगंतुकों और निवेशकों को इस मेगा प्रोजेक्ट की बारीकियों से अवगत करा रहे हैं।
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कुल 62,599 एकड़ क्षेत्र का विशाल क्षेत्रफल अधिसूचित किया है, जिसमें से लगभग 56,000 एकड़ भूमि पर सुनियोजित विकास कार्य किया जाएगा। इतिहास में पहली बार किसी भी औद्योगिक प्राधिकार द्वारा एक साथ इतना बड़ा एरिया विकास के लिए अधिग्रहित किया गया है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। बीडा का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र को एक शक्तिशाली औद्योगिक और आर्थिक इंजन के रूप में बदलना है, जिससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।

इस महायोजना के तहत एक विश्वस्तरीय, ग्रीनफील्ड और स्मार्ट औद्योगिक टाउनशिप बसाई जा रही है। इस आधुनिक शहर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय कॉलोनियां, बड़े अस्पताल, रेलवे स्टेशन, मेट्रो रेल नेटवर्क, एसटीपी प्लांट और नागरिकों की सुविधा के लिए सभी मूलभूत और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। बीडा के इस विजन में औद्योगिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन को भी समान महत्व दिया गया है। मास्टर प्लान के तहत कुल क्षेत्रफल का 27 प्रतिशत हिस्सा ब्लू-ग्रीन कॉरिडोर के लिए आरक्षित किया गया है, जिसमें 15 लाख पौधे लगाने और 150 एकड़ में नए जल स्रोतों का विकास करने की योजना शामिल है। इसके अलावा, जीरो लिक्विड वेस्ट डिस्चार्ज सिस्टम और मौजूदा जल स्रोतों के संरक्षण के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण की यह परियोजनाएं बेहतरीन कनेक्टिविटी और रणनीतिक स्थिति पर आधारित हैं। यह क्षेत्र उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है, जो इसे देश के प्रमुख व्यापारिक मार्गों से जोड़ता है। इसके पास से एनएच-44, एनएच-27 और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे गुजरते हैं, जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करते हैं। इसके अलावा दिल्ली-चेन्नई ट्रंक रेल रूट, प्रस्तावित झांसी एयरपोर्ट और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स फैसिलिटी जैसी परियोजनाएं यहां के उद्योगों को सीधे बाजार से जोड़ने का काम करेंगी।
उद्योगों की सुगमता के लिए बीडा क्षेत्र में 'प्लग एंड प्ले' बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके तहत 30 एमएलडी स्वच्छ जल आपूर्ति प्रणाली, 132 केवी और 33 केवी के पावर सब-स्टेशन, 45 से 60 मीटर चौड़ी सड़कें, और उन्नत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित की जा रही है। पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए माताटीला बांध और राजघाट बांध से 300 एमएलडी पानी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था की गई है।
औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बीडा क्षेत्र के आसपास 10 कॉलेज, 2,412 स्कूल, 8 डिप्लोमा और इंजीनियरिंग कॉलेज तथा 40 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थित हैं, जो उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करेंगे। इस मेगा सिटी के विकसित होने से क्षेत्र में 6 लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। ऑनलाइन अप्रूवल सिस्टम, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और फास्ट ट्रैक लैंड अलॉटमेंट जैसी पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से निवेशकों को सहज और सुगम माहौल प्रदान किया जा रहा है। यह परियोजना बुंदेलखंड के विकास को एक नई दिशा देने के साथ-साथ भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक नया मील का पत्थर साबित होगी।