बुलंदशहर में स्याना डिग्री कॉलेज संस्थापक स्वर्गीय सत्यप्रकाश गोयल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य नागरिक ने यज्ञ में आहुति देकर उन्हें नमन किया । साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रों के बीच यज्ञ से हुई। महाविद्यालय परिवार ने आहुति देकर संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की और नए शैक्षणिक सत्र के सफल, मंगलमय एवं ज्ञानवर्धक संचालन की कामना की। वक्ताओं ने सत्यप्रकाश गोयल के शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा के प्रसार के लिए जो कार्य किया, वह आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सोच थी कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी विकसित हो।
प्राचार्य उजलेश कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम, समय की पाबंदी और नैतिक आचरण से ही सफलता मिलती है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे महाविद्यालय की गरिमा को बनाए रखते हुए पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सहभागिता करें। प्रबंधक उमेश गोयल ने कहा कि महाविद्यालय परिवार संस्थापक के सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और नए सत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।अध्यक्ष सुदेश त्यागी ने कहा कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हवन और पूजन से करने का उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे छात्रों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन कौशल के लिए भी तैयार करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित जनों ने संस्थापक के चित्र के सम्मुख पुष्पांजलि अर्पित की। महाविद्यालय की निरंतर प्रगति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई ।प्रबंधक उमेश कुमार गोयल, अध्यक्ष सुदेश त्यागी, कोषाध्यक्ष वीर सिंह, उप-प्रबंधक राम निवास गुप्ता, प्राचार्य उजलेश कुमार अग्रवाल, उप-प्राचार्या अनीता गौड , संभव सिंघल, निधि गुप्ता, प्रदीपकुमार, पुष्पेन्द्र सिंह , महाविद्यालय प्रवक्ता, छात्र और कर्मचारी रहे। प्रबंधक उमेश गोयल ने आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।