शादी-ब्याह में लोगों को खुल कर खर्च करने तथा इसे अविस्मरणीय पलों में तबदील करने की हर किसी को चाह होती है। वैसे भी हमारे देश की विशाल जनसंख्या तथा युवाओं की बड़ी संख्या के कारण विवाहसे जुड़े विभिन्न कार्यों में करियर बनाने की भी अनेक सम्भावनाएं मौजूद हैं। इनमें से ही एक है
मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट।
कार्यक्षेत्र
मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट अथवा मैच मेकर अपने क्लाइंट के लिए उपयुक्त वर अथवा वधू की तलाश करतेहैं। वे उनके परिवारों के बीच मुलाकात करवाने के अलावा उनकी आपसी कम्पैटिबिलिटी की जांच करनेका काम भी करते हैं।मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट को अपने क्लाइंट्स के प्रोफाइल्स का अध्ययन करके उनकी मांगों अथवा जरूरतोंके अनुसार उपयुक्त वर अथवा वधू से मेल करना पड़ता है। उनकी कोशिश होती है कि उनके क्लाइंट्सको उनकी इच्छा के अनुरूप वर अथवा वधू की जानकारी उपलब्ध करवाई जाए जिनके आधार परबातचीत आगे बढ़ सके और उनका रिश्ता पक्का हो सके।
कौशल
एक सफल मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट में बेहतरीन सम्प्रेषण कौशल होना लाजमी है क्योंकि अपने क्लाइंट्सकी जरूरतों को जानने के लिए उनसे विस्तारपूर्वक बातचीत करना उनके कार्य का अहम हिस्सा होता है।उनका यह कौशल उस समय विशेष लाभदायक सिद्ध होता है जब वर एवं वधू पक्ष किन्हीं छोटी-मोटी
बातों पर राजी न हो रहे हों।एक सफल मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट का दूसरा अहम कौशल धैर्य होता है। किसी भी रिश्ते को अमलीजामापहनाने के लिए मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट में धैर्य का उच्च स्तर होना जरूरी हो जाता है। उन्हें अक्सरविभिन्न स्वभावों के क्लाइंट्स को संभालना पड़ता है जिसके लिए धैर्य की काफी जरूरत पड़ती है।सफल मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट में डिप्लोमैसी एवं परिपक्वता के गुण भी आवश्यक होते हैं। चूंकि विवाहएक नाजुक विषय है जिसमें भावनाओं का काफी महत्व होता है। ऐसे में विभिन्न विषयों पर दोनों पक्षोंमें सामंजस्य बैठाने के लिए काफी समझदारी और वाक्पटुता की आवश्यकता पड़ सकती है। एकमैट्रीमोनियल कंसल्टैंट के लिए दोनों पक्षों के हितों को ध्यान में रखना जरूरी होता है ताकि आगे चलकर किसी प्रकार के मतभेद उत्पन्न न हों।
योग्यता
मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट बनने के लिए किसी प्रकार की शैक्षणिक योग्यता लाजमी नहीं है परन्तु इस क्षेत्र में कौशल निखारने के लिए कम्युनिकेशन्स के विषय का अध्ययन किया जा सकता है। इस क्षेत्र में शिक्षाहासिल कर व्यक्ति मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट के कार्य को बेहतर ढंग से अंजाम देने के योग्य हो जाता है।ग्रैजुएशन के पश्चात आप किसी सफल या लोकप्रिय कंसल्टैंट के साथ कार्र्य करते हुए आवश्यक अनुभवहासिल कर सकते हैं।
इससे आपको इस क्षेत्र की आवश्यकताओं, जटिलताओं, चुनौतियों तथा मैट्रीमोनियलमार्कीट को समझने का अवसर मिलेगा। एक बार आप इस क्षेत्र में खुद को स्थापित कर लें तो बढ़ियाकरियर बनाने से आपको कोई चीज रोक नहीं सकेगी। एक बार कुछ अच्छे रिश्ते सफलतापूर्वक करवाकरआपको लोगों में पहचान मिल सकती है और आपका करियर स्थापित हो सकता है। इस क्षेत्र में सफलताके लिए सॉयकोलॉजी, बिजनैस अफेयर्स एवं सामान्य ज्ञान (विशेषकर विभिन्न कम्युनिटीज की जानकारी)भी जरूरी है। इन विषयों की जानकारी होने से व्यक्ति मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट के तौर पर करियर सफलकर सकता है।
पारिश्रमिक
प्रतिष्ठित एजैंसीज रिश्ते करवाने के लिए अढ़ाई हजार से लेकर पचास हजार रुपए तक की फीस ले सकती हैं। कुछ केसों में यह फीस इससे भी अधिक हो सकती है। फीस प्रदान की जाने वाली सेवाओं परआधारित होती है।
नफे-नुक्सान
एक मैट्रीमोनियल कंसल्टैंट के तौर पर कार्य करते हुए आप समाज में सम्मानित स्थान हासिल कर सकते हैं। इस क्षेत्र में अनेक प्रकार के लोगों से मिलने का मौका आपको मिलता है और आपको आर्थिकरूप से यह क्षेत्र काफी सशक्त बना सकता है। वैसे इस क्षेत्र में काम करने वालों को इससे जुड़ी विविधचुनौतियों का सामना करने को भी तैयार रहना चाहिए। इस क्षेत्र में बढ़ती प्रतियोगिता और शुरूआत मेंखुद को स्थापित करना काफी परिश्रम भरा कार्य है।
कोर्स
इस क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखने वाले विभिन्न भाषाओं का ज्ञान हासिल करने के साथ-साथ मानवीय व्यवहारों को समझने के लिए सॉयकोलॉजी का अध्ययन कर सकते हैं।