ग्रेटर नोएडा। भारत के साथ दो दशक से अधिक समय से जारी अपनी शैक्षणिक, शोध और संस्थागत साझेदारी को नया आयाम देते हुए वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित नए कैंपस की स्थापना का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस कैंपस को जलसेतु नाम दिया गया है। यह उद्योगों के हिसाब से युवाओं को शिक्षा प्रदान कर हुनरमंद बनाएगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करेगा। सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की मौजूदगी में दिल्ली के नेशनल एग्रीकल्चर सांइस कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का कैंपस ग्रेटर नोएडा में खुलने से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, शोध, इनोवेशन, कौशल विकास के जरिए औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ प्रेरणा सिंह, न्यू साउथ वेल्स के कोषाध्यक्ष डेनियल मुकी तथा वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं अध्यक्ष विशिष्ट प्रोफेसर जॉर्ज विलियम्स एओ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी ने भारत में अपनी साझेदारी बढ़ाने की घोषणा की।

यूनिवर्सिटी ने महिला सशक्तीकरण, बिजनेस, डाटा, इनोवेशन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए स्कॉलरषिप प्रोग्राम की भी घोषणा की, ताकि भारत केयुवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा, शोध और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध हो सके। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के कुलपति जॉर्ज विलियम्स एओ ने कहा कि भारत के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य युवाओं को ऐसे अवसर प्रदान करना है, जिनके माध्यम से वे भारत के सामाजिक और आर्थिक भविष्य में सार्थक योगदान दे सकें। इस अससर पर न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने कहा कि ग्रेटर नोएडा कैंपस ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के छात्रों को वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी की विश्वस्तरीय शिक्षा आसानी से मिल सकेगी।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने भी यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों से ग्रेटर नोएडा में मुलाकात की और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बता दें कि, युनिवर्सिटी का कैंपस प्राधिकरण दफ्तर परिसर के टावर टू में खुलने जा रहा है। इस कैंपस को इसी साल दिसंबर में खोलने की तैयारी है। विवि की तरफ से तीन फ्लोर लिया गया है। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी में लगभग 50 हजार छात्र-छात्राएं नियमित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। टाइम्स हायर एजुकेशन यूनिवर्सिटी इम्पैक्ट रैंकिंग में यूनिवर्सिटी को विश्व स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त है।
जल सुरक्षा के लिए ‘जलसेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’
कार्यक्रम के दौरान ग्रेटर नोएडा कैंपस को ‘जलसेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में स्थापित करने का ऐलान किया गया। यह केंद्र उत्तर प्रदेश में जल सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए शोध संस्थानों, सरकार, उद्योग और स्थानीय समुदायों को एक साझा मंच पर लाने का कार्य करेगा। साथ ही भूजल की स्थिरता, नदियों के स्वास्थ्य, सतत सिंचाई और शहरी जल प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर शोध, इनोवेशन व्यावहारिक हल निकालने का काम करेगा। यूनिवर्सिटी ने कैंपस शुरू करने के साथ ही सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री प्रोग्राम शुरू करने की भी घोषणा की।
इससे छात्रों को शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं, सरकारी संस्थानों, बैंकों और उद्योग जगत के विशेषज्ञों से जोड़ते हुए जल चुनौतियों और व्यावहारिक शोध से जोड़ने में मदद मिलेगी।