भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 08 September 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
बुलंदशहर से नोएडा पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश चौहान, सनातन सम्मेलन को लेकर मंथन बहराइच पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 116 ग्राम स्मैक के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार, ₹35 लाख कीमत का मादक पदार्थ बरामद गुलावठी में गेस्ट हाउस के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी निदेशक (परियोजनाएं) श्री राजेश कुमार चंदेल ने किया नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन का दौरा तेल की धारा — बीज से बाजार तक शुद्धता का संघर्ष दिल्ली के जाफराबाद में अवैध शराब के गोदाम पर छापा, 1,576 क्वार्टर बरामद, आरोपी गिरफ्तार चित्रकूट में सीएम योगी ने बाढ़ पीड़ितों के घावों पर लगाया मरहम, बांटी राहत सामग्री, ढहे मकानों के लिए दिए चेक मंडी में अज्ञात शव मिलने से सनसनी स्याना तहसील में महा रक्तदान शिविर, एसडीएम लालजी विश्वकर्मा ने रक्तदान कर किया शुभारंभ, बोले - रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं बुलंदशहर में शिक्षक सम्मान समारोह: 78 शिक्षक सम्मानित, स्याना की जूली मलिक को मिला प्रदेश स्तरीय सम्मान
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
state and city

मौत का हाईवे! 42 से ज्यादा अवैध कट और खुली एंट्री NHAI पर उठे सवाल

कई स्थानों पर 100 मीटर से ज्यादा दूरी तक ग्रिल गायब, होटल-पेट्रोल पंपों को सीधे हाईवे से जोड़ने वाली एंट्री बनी दुर्घटनाओं का कारण

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 27 Jun 2026, 10:19 PM | Views: 0 | 2 मिनट पढ़ें
मौत का हाईवे! 42 से ज्यादा अवैध कट और खुली एंट्री  NHAI पर उठे सवाल

इस रिपोर्ट में क्या खास है?

  • खबर को स्थानीय पाठकों के संदर्भ में सरल भाषा में समझाया गया है।
  • जहां उपलब्ध हो, आधिकारिक जानकारी, प्रत्यक्ष बयान और जमीन से मिली जानकारी को आधार बनाया जाता है।
  • नई जानकारी आने पर रिपोर्ट को अपडेट किया जाता है और तारीख ऊपर दी जाती है।

पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। केवल अजीजपुर कोसीकलां से पलवल तक किए गए सर्वेक्षण में 42 से अधिक ऐसे खतरनाक पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां होटल, ढाबों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोल पंपों को सीधे हाईवे से जोड़ने वाली एंट्री बनी हुई है। यह व्यवस्था पीछे से तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर 100 मीटर या उससे भी अधिक दूरी तक सुरक्षा ग्रिल पूरी तरह गायब है, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग नहीं है तथा खुला हाईवे होने के कारण पशु, ट्रैक्टर-ट्रॉली, दोपहिया वाहन और अन्य स्थानीय वाहन अचानक मुख्य मार्ग पर प्रवेश कर जाते हैं। इससे किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार नियंत्रित प्रवेश (Controlled Access) वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर  सीधे होटल, ढाबे या पेट्रोल पंप की एंट्री नहीं होनी चाहिए। ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए सर्विस रोड, एक्सेलरेशन और डीसिलरेशन लेन तथा उचित बैरिकेडिंग की व्यवस्था आवश्यक मानी जाती है।

लेकिन सर्वे में अनेक स्थानों पर इन मानकों की अनदेखी दिखाई दी, जहां वाहन बिना किसी चेतावनी संकेत के सीधे हाईवे पर चढ़ते और उतरते देखे गए।

दुर्घटना का बढ़ता खतरा

42 से अधिक खतरनाक एंट्री/कट चिन्हित।

100 मीटर व उसके भी अधिक दूरी तक सुरक्षा ग्रिल गायब।

कई स्थानों पर बैरिकेडिंग नहीं।

पशुओं और स्थानीय वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही।

होटल एवं पेट्रोल पंपों से सीधे हाईवे पर प्रवेश।

तेज रफ्तार वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन सबसे बड़ा खतरा।


स्थानीय लोगों की मांग

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन अवैध और असुरक्षित एंट्री पॉइंट्स को बंद नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी जनहानि हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि NHAI और संबंधित प्रशासन संयुक्त निरीक्षण कर सभी खतरनाक बिंदुओं की पहचान करे तथा तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करे।

क्या कहते हैं सड़क सुरक्षा मानक

* नियंत्रित प्रवेश वाले मार्गों पर अनधिकृत कट नहीं होने चाहिए।

* होटल, ढाबे और पेट्रोल पंपों के लिए सर्विस रोड अनिवार्य होनी चाहिए।

* मुख्य मार्ग पर सुरक्षा ग्रिल एवं बैरिकेडिंग लगातार बनी रहनी चाहिए।

* चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल उपाय पर्याप्त होने चाहिए।

* पशुओं एवं स्थानीय यातायात की रोकथाम के लिए मजबूत फेंसिंग आवश्यक है।*


जब देश विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे और आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रहा है, तब पलवल मार्ग पर खुले कट, गायब ग्रिल और अनियंत्रित एंट्री व्यवस्था सड़क सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है। यदि संबंधित एजेंसियां शीघ्र कार्रवाई नहीं करतीं तो यह मार्ग यात्रियों के लिए लगातार खतरे का कारण बना रहेगा।

 

आज का मुद्दा Hindi News Breaking News state and city

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें