पलवल। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। केवल अजीजपुर कोसीकलां से पलवल तक किए गए सर्वेक्षण में 42 से अधिक ऐसे खतरनाक पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां होटल, ढाबों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोल पंपों को सीधे हाईवे से जोड़ने वाली एंट्री बनी हुई है। यह व्यवस्था पीछे से तेज गति से आने वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
सर्वे के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर 100 मीटर या उससे भी अधिक दूरी तक सुरक्षा ग्रिल पूरी तरह गायब है, कई स्थानों पर बैरिकेडिंग नहीं है तथा खुला हाईवे होने के कारण पशु, ट्रैक्टर-ट्रॉली, दोपहिया वाहन और अन्य स्थानीय वाहन अचानक मुख्य मार्ग पर प्रवेश कर जाते हैं। इससे किसी भी समय बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार नियंत्रित प्रवेश (Controlled Access) वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीधे होटल, ढाबे या पेट्रोल पंप की एंट्री नहीं होनी चाहिए। ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए सर्विस रोड, एक्सेलरेशन और डीसिलरेशन लेन तथा उचित बैरिकेडिंग की व्यवस्था आवश्यक मानी जाती है।
लेकिन सर्वे में अनेक स्थानों पर इन मानकों की अनदेखी दिखाई दी, जहां वाहन बिना किसी चेतावनी संकेत के सीधे हाईवे पर चढ़ते और उतरते देखे गए।
दुर्घटना का बढ़ता खतरा
42 से अधिक खतरनाक एंट्री/कट चिन्हित।
100 मीटर व उसके भी अधिक दूरी तक सुरक्षा ग्रिल गायब।
कई स्थानों पर बैरिकेडिंग नहीं।
पशुओं और स्थानीय वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही।
होटल एवं पेट्रोल पंपों से सीधे हाईवे पर प्रवेश।
तेज रफ्तार वाहनों के लिए अचानक सामने आने वाले वाहन सबसे बड़ा खतरा।
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन अवैध और असुरक्षित एंट्री पॉइंट्स को बंद नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ी जनहानि हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि NHAI और संबंधित प्रशासन संयुक्त निरीक्षण कर सभी खतरनाक बिंदुओं की पहचान करे तथा तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करे।
क्या कहते हैं सड़क सुरक्षा मानक
* नियंत्रित प्रवेश वाले मार्गों पर अनधिकृत कट नहीं होने चाहिए।
* होटल, ढाबे और पेट्रोल पंपों के लिए सर्विस रोड अनिवार्य होनी चाहिए।
* मुख्य मार्ग पर सुरक्षा ग्रिल एवं बैरिकेडिंग लगातार बनी रहनी चाहिए।
* चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल उपाय पर्याप्त होने चाहिए।
* पशुओं एवं स्थानीय यातायात की रोकथाम के लिए मजबूत फेंसिंग आवश्यक है।*
जब देश विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे और आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण कर रहा है, तब पलवल मार्ग पर खुले कट, गायब ग्रिल और अनियंत्रित एंट्री व्यवस्था सड़क सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है। यदि संबंधित एजेंसियां शीघ्र कार्रवाई नहीं करतीं तो यह मार्ग यात्रियों के लिए लगातार खतरे का कारण बना रहेगा।