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Updated: 02 November 2026 | Hindi News Portal
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₹15,000 करोड़ के निवेश के वादों के साथ 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026' संपन्न, यूपी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरा

तीन दिन तक चले 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET) 2026' का समापन लगभग ₹15,000 करोड़ (अनुमानित) के निवेश वादों और MoU के साथ हुआ। इससे भारत के बायोएनर्जी सेक्टर में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और ग्रीन एनर्जी निवेश के लिए उत्तर प्रदेश की एक उभरते हुए हब के तौर पर मज़बूत स्थिति का पता चलता है।

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 13 Aug 2026, 07:36 PM | Views: 0 | 3 मिनट पढ़ें
₹15,000 करोड़ के निवेश के वादों के साथ 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026' संपन्न, यूपी ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभरा

गौतमबुद्धनगर

 तीन दिन तक चले 'इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो (IBET) 2026' का समापन लगभग ₹15,000 करोड़ (अनुमानित) के निवेश वादों और MoU के साथ हुआ। इससे भारत के बायोएनर्जी सेक्टर में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और ग्रीन एनर्जी निवेश के लिए उत्तर प्रदेश की एक उभरते हुए हब के तौर पर मज़बूत स्थिति का पता चलता है।इंडियन फेडरेशन ऑफ़ ग्रीन एनर्जी और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा आयोजित इस एक्सपो में नीति-निर्माता, निवेशक, टेक्नोलॉजी कंपनियाँ, उद्यमी और इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स एक साथ आए। उन्होंने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), इथेनॉल, बायोमास, बायोडीज़ल, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायो-मोबिलिटी, बायोमटीरियल्स और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे क्षेत्रों में अवसरों पर चर्चा की।

आखिरी दिन का मुख्य आकर्षण "किसानों के लिए ग्रीन एनर्जी और आय के अवसर" विषय पर आयोजित विशेष सत्र था। इसमें नीति-निर्माताओं, इंडस्ट्री लीडर्स, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स और स्टेकहोल्डर्स ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे खेती के अवशेषों को साफ़-सुथरी ऊर्जा में बदला जा सकता है और साथ ही किसानों के लिए अतिरिक्त आय के स्रोत बनाए जा सकते हैं। सत्र में मज़बूत फीडस्टॉक सप्लाई चेन बनाने, किसान-इंडस्ट्री के बीच बेहतर संबंध बनाने और बायोएनर्जी से जुड़े व्यावहारिक ग्रामीण बिज़नेस मॉडल तैयार करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया।


पहले दो दिनों में भारत के बायोएनर्जी रोडमैप, बायोएनर्जी निवेश हब के तौर पर उत्तर प्रदेश की उभरती भूमिका और खेती के कचरे को संपत्ति में बदलने की CBG की क्षमता पर उच्च-स्तरीय चर्चाएँ हुईं। इस तीन दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्री ए.के. शर्मा; कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही; और ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री श्री कैलाश सिंह राजपूत के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।श्री शर्मा ने किसानों की आय बढ़ाने, गाँवों में रोज़गार पैदा करने और खेती के कचरे को उत्पादक आर्थिक संपत्ति में बदलने की CBG की क्षमता पर ज़ोर दिया। राज्य सरकार ने बायोएनर्जी सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए अपना समर्थन भी दोहराया। इस बीच, श्री शाही ने बताया कि राज्य के CBG सेक्टर में पहले ही लगभग ₹3,500 करोड़ का निवेश किया जा चुका है, जिससे करीब 25,000 नौकरियां पैदा हुई हैं और 70-80 और प्लांट लगने की उम्मीद है।

 इंडियन फेडरेशन ऑफ़ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक श्री संजय गंजू ने कहा कि 'भारत में बायोएनर्जी का मौका अब सिर्फ पॉलिसी के लक्ष्यों से आगे बढ़कर असल निवेश और कारोबार का मौका बन रहा है। अगले चरण में प्रोजेक्ट्स का दायरा बढ़ाने, फीडस्टॉक सप्लाई चेन को मज़बूत करने, किसानों को वैल्यू चेन से जोड़ने और बैंक से लोन मिल सकने वाले बिज़नेस मॉडल बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। सही पॉलिसी सपोर्ट, टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री की भागीदारी से बायोएनर्जी एक साथ भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को बेहतर बना सकती है, कचरा कम कर सकती है, ग्रामीण रोज़गार पैदा कर सकती है और किसानों के लिए आमदनी का एक और ज़रिया बन सकती है। IBET 2026 ने दिखाया है कि इकोसिस्टम इस दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए तैयार है।"

इंडिया बायोएनर्जी एवं टेक एक्सपो 2026 का समापन देश के बायोएनर्जी इकोसिस्टम के लिए एक अहम पड़ाव है, जिसमें उत्तर प्रदेश बायोएनर्जी निवेश के लिए एक मुख्य जगह के तौर पर उभर रहा है। एक्सपो में निवेश को लेकर दिखाई गई दिलचस्पी यह बताती है कि भारत के क्लीन-एनर्जी ट्रांज़िशन, ग्रामीण आर्थिक विकास और एनर्जी सिक्योरिटी के एक अहम आधार के तौर पर बायोएनर्जी में भरोसा बढ़ रहा है।

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Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

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