नोएडा। ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता माह की शुरुआत के साथ ही शी-विंग्स फाउंडेशन ने महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक करने और समय पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के अभियान को तेज कर दिया है। इसी क्रम में फाउंडेशन और एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में मेगा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग एवं जागरूकता कैंप आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं और महिलाओं को स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षणों, बचाव और समय पर जांच के महत्व की जानकारी दी गई।
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एमिटी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. छाया चौरडिया ने ब्रेस्ट कैंसर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने युवा महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने, ब्रेस्ट हेल्थ से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करने और किसी भी तरह की असामान्यता महसूस होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में 'शैकांसकन' की महिला डॉक्टरों और हेल्थकेयर विशेषज्ञों की टीम ने भी हिस्सा लिया। टीम ने महिलाओं को ब्रेस्ट की स्वयं जांच करने के तरीके, संभावित चेतावनी संकेतों और चिकित्सकीय स्क्रीनिंग की उपयोगिता के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कैंसर को लेकर समाज में प्रचलित गलत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर कर सही जानकारी के आधार पर स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने का संदेश दिया गया।

शी-विंग्स फाउंडेशन के संस्थापक मदन मोहित भारद्वाज ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन और एनएचपीसी के सहयोग से महिलाओं को कैंसर के प्रति जागरूक करने और शुरुआती जांच की पहुंच बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। फाउंडेशन का लक्ष्य 31 दिसंबर 2026 तक नोएडा की 5,000 महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के लिए प्रोत्साहित करना है।उन्होंने बताया कि अभियान के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जा रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं और जांच की सुविधाओं से वंचित महिलाओं को भी इसका लाभ मिल सके। इसके लिए शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
फाउंडेशन का उद्देश्य केवल एक दिन का जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि महिलाओं में नियमित स्वास्थ्य जांच की आदत विकसित करना है। अभियान के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया जा रहा है कि स्तन कैंसर का समय पर पता लगाने के लिए जागरूकता, सही जानकारी और चिकित्सकीय सलाह बेहद महत्वपूर्ण हैं।