बांदा-शारदीय नवदुर्गा का समापन मूर्ति विसर्जन के साथ आज हो गया।आज से जनपद मे दशहरा की शुरूवात भी हो गयी।जो 5 दिनों तक अलग अलग मोहल्लों के अनुसार मनाया जाता है और लगातार 5 दिन तक रावण के पुतले का दहन किया जाता है।मिली जानकारी के अनुसार इस बार 1000 से अधिक मूर्तियां रखी गयी है।
पूरे 9 दिन तक भक्तों ने मां को बडें ही चाव से रंग बिरंगे अलग अलग परिधानो से सजाकर अपनी अपनी मूर्तियों को सजाकर लोगों को अपनी मूर्ति देखने आने का भरपूर प्रयास भी किया।हालाकि इस सब कार्यो मे 9 दिन मे करोडों का खर्च भी हो गया लेकिन मां के सामने यह सब कोई माने नही रखता।आखिरकार मां से आर्शीवाद पानें की चाहत व दिखाने की चाहत ही है जो प्रतिवर्ष मूर्ति बढती चली जा रही है।विर्सजन अर्थात आज तो पूरा शहर जाम नजर आया।2 बजें के बाद तो रोड मे मोटर साईकिल से निकलना दूभर हो गया।लेकिन श्रृद्वा के भाव मे कोई कमी नही आनी चाहिए।
सुबह से श्रृद्वालु माता की रखी मूर्ति की पूजा अर्जना करने व विसर्जन की तैयारी मे लगे दिखाई दिए।12 बजें के आसपास मूर्तियों का स्थान से उठना चालू हो गया।जनपद मे नियम है कि मूर्तियों को सबसें पहले महेश्वरी देवी मंदिर आना होगा।उसी लाईन मे दुर्गा पूजा महोत्सव कमेटी का पंडाल लगाया गया।जहा से टोंकनो का वितरण होना सुनिश्चित किया जाता है।वही पर अच्छी मूर्तियों को प्रथम,द्वितीय,तृतीय या अन्य पुरूस्कारों का वितरण भी किया जाता है।आज के दिन सभी लोग जरूरी काम करने के लिए परहेज करते हुए दिखाई देते नजर आए।हालाकि इस दौरान तेज ध्वनि से बुजुर्गो को व मरीजों को भारी तकलीफों का सामना करना पडता है।मरीजों के एंबुलेंस अस्पताल तक नही पहुच सकते।
पुलिस व सरकार भी डीजे की तेज ध्वनि पर रोक लगानें मे नाकाम दिखाई देती है।आज के दिन सभी दुकानों व कार्यालयों की छुट्टी भी रखी जाती है।जिससे लोग मेंले का आनंद ले सके और स्त्री,पुरूष,बालक व बालिकाए मूर्तियों के पीछे पीछे डीजे की धून पर डांस करते हुए माता को अंतिम बिदाई देने हेतु केन नदी तक जाती हुई दिखाई दी।यह प्रक्रिया सुबह 4 बजे तक चलने की संभावना लोगो द्वारा जताई गई है।जगह जगह पर पुलिस व्यवस्था भी दिखाई दी जिससे कोई भी हादसा या दंगा ना हो सके।पुलिस के अधिकारी वाहनों पर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते हुए दिखाई दिए।वही मार्ग मे जगह जगह पर जाम दिखाई दिया।जगह जगह पर श्रृद्वालुओं द्वारा दर्शको को नास्ता वितरण के अलग अलग पंडाल लगाये जाते है जिसमे लोग अलग अलग नास्ते का स्वाद लेते हुए प्रतिमाओं के विसर्जन का भरपूर आनंद लेते है।मूर्तियों के रूट की बात करे तो महेश्वरी देवी मंदिर से स्टेशन रोड होते हुए छावनी व बाबूलाल चैराह से गुजरते हुए संकटमोचन रोड से केन नदी तक जाना पडेगा।
वही चुनावी रंग मे रंगा नवरात्रि महोत्सव मे सदर विधायक भी पहले तो गरबा डांस कर औरतो को रिझाने का प्रयास करते नजर आए।अब लोगों को रिझाने के लिए हेलीकाप्टर से विर्सजन के दिन पुष्प वर्षा भी करने की खबरे आयी। नेतागिरी को चमकाने व लोगों को अपने पक्ष मे करने के लिए सभी तरह के प्रयास करते हुए दिखाई दिए।जगह जगह पर अलग अलग पार्टियों के पंडाल लगाकर लोगों का उत्साह बढाते हुए व सील्ड देते हुए दिखाई दिए।शाम होते ही शहर के कई मोहल्ले जैसे बन्योटा,छाबी तालाब आदि मोहल्ले मे रावण दहन का कार्यक्रम कर दशहरा मनाया जायेगा और 5 दिन चलने वाले दशहरा की शुरूवात की जायेगी।
हालाकि जनपद के सभी गांवों मे केवल आज ही दशहरा मनाया जायेगा।केवल शहरीय क्षेत्र मे 5 दिन दशहरा मनाने की परंपरा बनाई गयी है।