Mumbai मासूमों के जिस्म का सौदा करने वाली 'डायन' का पर्दाफाश, पुलिस की छापेमारी में बचीं दो जिंदगियाँ!
मुंबई/इंद्र यादव/नवी मुंबई के उलवे सेक्टर 19 में उलवे पुलिस की टीम ने पूरी तैयारी के साथ दबिश दी, जहाँ इंसानी रूप में शैतान अपनी काली करतूतों को अंजाम दे रहे थे।
जिस्म का सौदा करने वाली 'डायन' का पर्दाफाश, पुलिस की छापेमारी में बचीं दो जिंदगियाँ
मुंबई/इंद्र यादव/नवी मुंबई के उलवे सेक्टर 19 में उलवे पुलिस की टीम ने पूरी तैयारी के साथ दबिश दी, जहाँ इंसानी रूप में शैतान अपनी काली करतूतों को अंजाम दे रहे थे।
पैसों के लिए बेची जा रही थीं बेटियां
मामला बेहद गंभीर है। एक महिला जो इन मासूम लड़कियों की 'आड़' बनकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रही थी, उसने 'ला रेसिडेंस' में एक गंदा धंधा जमा रखा था। सोशल एक्टिविस्ट डॉ. बीनू वर्गीज की सतर्कता ने इस पूरे रैकेट की पोल खोल दी। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि यह शातिर औरत हर माइनर लड़की के बदले 20,000 रुपये ऐंठती थी। सोचिए, जिस उम्र में इन बच्चियों को स्कूल में होना चाहिए था, वहां उनसे जिस्मफरोशी जैसा घिनौना काम कराया जा रहा था!
पुलिस का एक्शन मोड
जब पुलिस को इसकी पक्की खबर मिली, तो डीसीपी अमित काले (जोन II) के मार्गदर्शन में सीनियर पीआई अर्जुन रजाने, एपीआई सुरेश खरात और पूरी उलवे पुलिस टीम ने 'ला रेसिडेंस' को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस ने मौके पर मौजूद उस महिला एजेंट को धर दबोचा और दो नाबालिग लड़कियों (13 और 17 वर्ष) को उस नरक से सही-सलामत बाहर निकाल लिया।
कानून का डंडा: सख्त धाराएं हुई लागू
पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है।दर्ज दस्तावेजों के अनुसार, आरोपियों पर कानून का शिकंजा कस गया है:भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 96, 98, 143(3), 143(5) के तहत मामला दर्जPITA एक्ट (अनैतिक व्यापार) धारा 3, 4, 5 का इस्तेमाल
POCSO एक्ट (बच्चों का यौन शोषण): धारा 16, 17, 18 के तहत कड़ी कार्रवाईJJ एक्ट (बाल न्याय अधिनियम) धारा 81 और 87 के तहत मामला दर्ज किया गयायह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उन मासूमों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े हर उस चेहरे को बेनकाब करने में जुटी है, जिसने इस घिनौने खेल में हाथ रंगे हैं। ऐसे लोगों को कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए, ताकि दोबारा कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे!
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