आज का मुद्दा/तहसील प्रभारी/नीरज सुदामा डिबाई!
अमर वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी की 195वीं जयंती के अवसर पर अनाज मंडी, डिबाई में भव्य शोभायात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वीरांगना के शौर्य, साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को नमन करने के लिए बड़ी संख्या में समाजबंधु एवं गणमान्यजन कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान महारानी अवंतीबाई लोधी के जयघोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति और गौरव की भावना से ओतप्रोत रहा।
शोभायात्रा में आकर्षक झांकियों एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया। प्रतिभाशाली बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाट्य मंचन ने वीरांगना के संघर्ष और अदम्य साहस की कहानी को प्रभावशाली ढंग से जीवंत कर दिया। वहीं कलाकारों की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महारानी अवंतीबाई लोधी केवल इतिहास का गौरव नहीं, बल्कि साहस, स्वाभिमान, राष्ट्रप्रेम और नारी शक्ति की अमर प्रेरणा हैं। उनके त्याग और संघर्ष की गाथा आने वाली पीढ़ियों को सदैव देश और समाज के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देती रहेगी। वक्ताओं ने युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र एवं समाज के उत्थान में योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ सिंह रहे। विशिष्ट अतिथि माननीय सांसद बुलंदशहर डॉ. भोला सिंह एवं माननीय विधायक स्याना देवेंद्र सिंह लोधी, डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी रहे।इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख पति अनार सिंह, दानपुर ब्लाक प्रमुख आंनद लोधी, डिबाई चेयरमैन अरुण कुमार सिंघल, नरौरा चेयरमैन प्रतिनिधि किताब सिंह, महासभा के प्रदेश प्रचार मंत्री कल्याण सिंह, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा धर्मवीर सिंह, पूर्व जिला उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, मंडल अध्यक्ष मयंक वार्ष्णेय, पूर्व मंडल अध्यक्ष पिंटू लोधी, कमेटी अध्यक्ष महिपाल सिंह, कोषाध्यक्ष के.पी. सिंह, मलखान सिंह प्रधान, हुकम सिंह, केसरी सिंह, चरन सिंह, समाज सेवी रविंद्र सिंह डैनी, बाबूलाल बघेल, लोकेश गुप्ता एवं पूर्व प्रधानाचार्य गजराज सिंह, नील भारद्वाज, राहुल लोधी, रुपकिशोर लोधी उर्फ़ भोला भईया, राजवीर सिंह एडवोकेट सहित अनेक गणमान्यजन एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।
भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वीरांगना महारानी अवंतीबाई लोधी का शौर्य और बलिदान समाज की चेतना में सदैव जीवंत रहेगा। उपस्थित जनसमूह ने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को उनके गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने का संकल्प लिया।