गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में NSS स्थापना दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान के लिए आगे आकर मानवता की मिसाल पेश की। 125 से अधिक लोगों ने रक्तदान के लिए पंजीकरण कराया और 78 से अधिक लोगों ने रक्तदान किया। इसके साथ स्वच्छता अभियान और जरूरतमंदों को भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम भी हुए।
वहीं, नोएडा के सेक्टर-70 में दिव्यांग बच्चों ने 11 दिनों तक गणेश उत्सव मनाकर यह संदेश दिया कि उत्सव केवल खुशी मनाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में अपनापन और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी अवसर है। बच्चों ने पूजा के साथ नृत्य और अभिनय में भी भाग लिया।
इन दोनों घटनाओं में एक समान संदेश दिखाई देता है—समाज तभी मजबूत होता है, जब युवा सेवा के लिए आगे आएं और हर वर्ग को सम्मान और अवसर मिले।
समाजसेवी एवं सदस्य, शिकायत निवारण समिति, नोएडा अथॉरिटी, वीरेश तिवारी का कहना है कि रक्तदान हो या दिव्यांग बच्चों का उत्सव—समाजसेवा का असली उद्देश्य यही है कि हम एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े हों और जरूरतमंद व्यक्ति को यह महसूस न होने दें कि वह समाज से अलग है।
नोएडा की ये दोनों तस्वीरें बताती हैं कि संवेदनशील समाज सिर्फ कानून और व्यवस्था से नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और संवेदना से बनता है।
लेखक : “समाजसेवी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेश तिवारी, सदस्य, शिकायत निवारण समिति, नोएडा प्राधिकरण।”