बांदा-मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का मुख्यमंत्री प्रदेश शासन द्वारा लखनऊ से किया गया।कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया।योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया।योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमांत कृषकों को दीर्घकालीन कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ते हुए उनकी आय एवं आर्थिक स्थिति में सुधार तथा सर्वांगीण उन्नति में सहयोग प्रदान करना है।योजना के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर एवं सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहकारिता एवं कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों,जन प्रतिनिधियों तथा सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया।कार्यक्रम में किसानों ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के शुभारंभ को कृषक हित में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में इसे उपयोगी बताया।
छोटे व सीमांत किसानों के लिये खेती किसानी एवं अन्य योजनाओं हेतु छः लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण 6 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर दिया जा रहा है।समय से ऋण की किस्त अदायगी पर 5 प्रतिशत ब्याज का अनुदान राज्य सरकार वहन करेगी।इस योजना का लक्ष्य किसानों को खेती एवं अन्य दूसरी कृषि,अकृषि गतिविधियों में लम्बी अवधि के लिये आसान वित्तीय मदद देना है।
रियायती दर पर ऋण मिलने से किसानों को पूंजी निवेश में मदद मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।यह ऋण उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लि० के माध्यम से दिया जायेगा।ऋण की अदायगी ईएमआई की आसान किस्तों पर होगी तथा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी एवं सुगम ऋण स्वीकृत प्रक्रिया अपनाई गई है।प्रदेश की समूची शाखाओं की ब्रांडिंग एवं आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है।बताया कि 3 वर्षों में तीनों शाखाओं ने मिलकर बैंक व्यवसाय में लगातार वृद्धि करते हुए 756 कृषकों को लाभान्वित कर अद्यतन 572.88 लाख का ऋण वितरण किया गया है।
कृषि योग्य भूमि के साथ-साथ अचल सम्पत्तियों को बंधक करके ऋण सुविधा प्रदान करने की नयी व्यवस्था लागू की गई है।कृषक महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से 1 प्रतिशत की ब्याज दरों में विशेष छूट की सुविधा लागू की गई है।
शिक्षा एवं अन्य रोजगारपरक व आय अर्जक क्रिया कलापों हेतु पात्र अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों को 3.50 प्रति0 से 6 प्रति0 निम्न दर की ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करने का कार्य आरम्भ किया गया है।एक मुश्त समाधान योजना के अन्तर्गत (अप्रैल 2018 से सितम्बर 2022 तक) विभिन्न चरणों में कुल 431 लाभार्थियों को लाभान्वित करते हुए बैंक के स्वयं के संसाधनों से 167.84 लाख की ब्याज में छूट प्रदान की गई है।