नोएडा। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 के तहत नोएडा शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसी क्रम में नोएडा प्राधिकरण और यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (UPREV) के बीचगुरुवार को एमओयू किया गया है। इसके तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में 30 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
एमओयू के अनुसार चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना का पूरा खर्च UPREV द्वारा वहन किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से इसके लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। प्रत्येक स्थान पर न्यूनतम दो चार्जर लगाए जाएंगे, जिनमें एक साथ दो कार अथवा एक दुपहिया वाहन को चार्ज करने की सुविधा होगी। चार्जिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली के बदले राजस्व साझेदारी के आधार पर नोएडा प्राधिकरण को प्रति यूनिट शुल्क प्राप्त होगा।
इन स्थानों पर लगेंगे चार्जिंग स्टेशन
प्राधिकरण द्वारा चिन्हित 30 स्थानों में सेक्टर-101 मेट्रो पार्किंग, सेक्टर-78 वैन पार्किंग, सेक्टर-38 बॉटनिकल गार्डन पार्किंग, सेक्टर-76 मेट्रो पार्किंग, सेक्टर-51 ब्लॉक-ई पार्किंग, सेक्टर-119 अमरपाली प्लेटिनम के पास पार्किंग, सेक्टर-21ए नोएडा इंडोर स्टेडियम पार्किंग, सेक्टर-81 ब्लॉक-सी मेट्रो पार्किंग, सेक्टर-122 आईजीएल गैस स्टेशन, सेक्टर-129 साया स्टेटस मॉल और सेक्टर-132 इंफोसिस कैंपस शामिल हैं।
इसके अलावा सेक्टर-154 बादलपुर खादर, सेक्टर-145 गोझियापुर, सेक्टर-146 झट्टा, सेक्टर-150 शहीद भगत सिंह पार्किंग, सेक्टर-144 पार्किंग, एनएसईजेड मेट्रो के पास सेक्टर-ए फेज-2, नोएडा ऑथराइज्ड पार्किंग सेक्टर-18, सेक्टर-27 एसबीआई पार्किंग, सेक्टर-27 कैम्ब्रिज स्कूल के पास पार्किंग और सेक्टर-29 ब्रह्मपुत्र मार्केट में भी ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे।
वहीं नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग, बीएचईएल कार्यालय के पास सेक्टर-18, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास महामाया फ्लाईओवर, गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सेक्टर-29, कैप्टन विजयंत थापर मार्ग सेक्टर-15, सेक्टर-2 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास, सेक्टर-94 एनटीपीसी ईओसी कार्यालय, सेक्टर-96 नोएडा प्राधिकरण के नए कार्यालय और सेक्टर-94 कमांड कंट्रोल सेंटर को भी चिन्हित किया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार यह पहल शहर में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।