ग्रेटर नोएडा सोसायटियों में आए दिन घट रही घटनाएं अब न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं, बल्कि यह सोचने पर भी मजबूर कर रही हैं कि हमारे आसपास रहने वाले सभ्य और पढ़े-लिखे लोग किस मानसिकता की ओर बढ़ रहे हैं। हाल ही में अल्फा-1 स्थित घरौंदा अपार्टमेंट में हुई लाखों रुपये की एक बड़ी चोरी के बाद से पूरी सोसाइटी और आसपास के निवासियों में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग इस चोरी के खुलासे का इंतजार कर ही रहे थे कि इसी बीच क्षेत्र में हुई एक अन्य वारदात ने सभी को चौंका कर रख दिया है।
दरअसल, घरौंदा अपार्टमेंट के ही फ्लैट नंबर 407 के निवासी पुनीत कुमार वशिष्ठ ने खुद अपने साथ लाखों रुपये की लूट होने की एक झूठी कहानी गढ़ डाली। हालांकि, ग्रेटर नोएडा की थाना बीटा-2 पुलिस ने अपनी सतर्कता और त्वरित जांच के दम पर इस पूरी फर्जी लूट की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था पूरा मामला और कैसे रची गई साजिश?
पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारी और प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी पुनीत कुमार वशिष्ठ (पुत्र महेश कुमार वशिष्ठ) ब्लिंकिट स्टोर के डिस्ट्रीब्यूटर वैश्वनी एंटरप्राइजेज के कैश कलेक्शन का काम करता है। उसका काम रोजाना एकत्र हुए कैश को बैंक में सुरक्षित जमा कराने का था।
बीती 18 अगस्त 2026 को आरोपी पूर्वांचल रॉयल सिटी स्थित स्टोर से कैश कलेक्शन के 3,88,700 रुपये (तीन लाख अठासी हजार सात सौ रुपये) लेकर अपनी गाड़ी (यूपी 16 एफआर 9983) से बैंक में जमा करने के लिए निकला था। लेकिन रास्ते में इतनी बड़ी रकम देखकर उसकी नीयत खराब हो गई। उसने पूरी राशि बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास छुपा ली और पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने साथ अज्ञात लोगों द्वारा लूट होने की झूठी सूचना दे दी।
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पुलिस जांच में खुला राज, रकम बरामद
सूचना मिलते ही थाना बीटा-2 पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर (मु0अ0स0 319/2026) दर्ज की और जांच शुरू की। जब पुलिस ने घटना स्थल, समय और आरोपी के बयानों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया, तो उसकी कहानी में कई खामियां नजर आईं। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
थाना बीटा-2 पुलिस टीम ने 20 अगस्त 2026 को कार्रवाई करते हुए महानंदन टी-पॉइंट के पास से अभियुक्त पुनीत कुमार वशिष्ठ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से हड़पे गए पूरे 3,88,700 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई उसकी कार (यूपी 16 एफआर 9983) भी बरामद कर ली है। मामले में धारा 316(2), 317(2) और 240 बीएनएस के तहत अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
सोसाइटी के निवासियों में गहराया अविश्वास
घरौंदा अपार्टमेंट में जहां एक तरफ पुरानी चोरी का खुलासा न होने से लोग पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित थे, वहीं दूसरी तरफ अपने ही पड़ोस में रहने वाले एक शख्स द्वारा इस प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी और पुलिस को गुमराह करने का अपराध अंजाम देने से लोग सन्न हैं। सोसायटियों में रहने वाले लोग देखने में तो बेहद पढ़े-लिखे, संभ्रांत और सभ्य नजर आते हैं, लेकिन जब वही लोग इस तरह के वित्तीय अपराधों को अंजाम देने लगें, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों के बीच अपने ही पड़ोसियों पर भरोसा करने को लेकर बहस छिड़ गई है