ग्रेटर नोएडा में किसानों के मुआवजे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, यमुना क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग को हरी झंडी और नोएडा में कनेक्टिविटी का विस्तार—बदलते NCR की बड़ी तस्वीरदिल्ली-NCR का भूगोल तेजी से बदल रहा है। कभी दिल्ली के आसपास का विस्तार माने जाने वाले नोएडा और ग्रेटर नोएडा आज स्वयं विकास के बड़े केंद्र बन चुके हैं। अब इस विकास की अगली धुरी यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र बनता दिखाई दे रहा है। पिछले दो दिनों में सामने आए कई महत्वपूर्ण फैसले इस बदलाव को और स्पष्ट करते हैं।
ग्रेटर नोएडा में किसानों के लिए आया फैसला इस बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जमीन के मुआवजे की दर 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर करने को मंजूरी दी है। साथ ही आबादी प्लॉट से जुड़ी व्यवस्था को भी बहाल करने का निर्णय लिया गया है।यह केवल मुआवजे की रकम बढ़ाने का फैसला नहीं है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विस्तार में किसानों की जमीन सबसे महत्वपूर्ण आधार रही है। इसलिए विकास और किसान हित के बीच संतुलन बनाना आने वाले वर्षों में सबसे बड़ी आवश्यकता होगी। उचित मुआवजा किसानों का भरोसा बढ़ाएगा और नई विकास योजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी सुगम बना सकता है।

यमुना क्षेत्र में उद्योग की दस्तक
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-10 में विकसित हो रहे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को पर्यावरण मंजूरी मिलना भी इस क्षेत्र के भविष्य के लिए बड़ी खबर है। इसका अर्थ है कि यमुना क्षेत्र केवल आवासीय या रियल एस्टेट विकास का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों के आने से रोजगार, निवेश, छोटे और मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय व्यापार को भी गति मिलने की संभावना है।
यदि इसके साथ अच्छी सड़क, सार्वजनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था विकसित की जाती है तो यमुना क्षेत्र आने वाले समय में NCR की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। कनेक्टिविटी बनेगी विकास की असली रीढ़विकास के इस पूरे मॉडल की सफलता कनेक्टिविटी पर निर्भर करेगी। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगातार बढ़ते यातायात को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों और यमुना पुस्ता रोड के विकास की योजनाएं महत्वपूर्ण हैं। यमुना पुस्ता रोड को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित करने की योजना पर भी काम हो रहा है, जिससे दिल्ली, नोएडा और यमुना क्षेत्र के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है।

नोएडा में सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच एयरकंडीशन स्काईवॉक शुरू होना भी इसी बदलती कनेक्टिविटी की तस्वीर है। इससे यात्रियों के लिए दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच आवागमन आसान हुआ है।
जेवर एयरपोर्ट के बाद बदलेगा पूरा आर्थिक नक्शा
यमुना क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव जेवर एयरपोर्ट और उससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों के कारण आने की उम्मीद है। एयरपोर्ट के आसपास उद्योग, लॉजिस्टिक्स, होटल, व्यापार, आवास और सेवा क्षेत्र का विस्तार होगा। इसका सीधा प्रभाव नोएडा और ग्रेटर नोएडा पर भी पड़ेगा।ऐसे में आज लिए जा रहे फैसलों का महत्व केवल आज तक सीमित नहीं है। किसान को उचित मुआवजा देना, उद्योग के लिए जमीन और पर्यावरणीय मंजूरी सुनिश्चित करना तथा सड़कों और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना—ये सभी आने वाले 10-20 वर्षों के NCR की बुनियाद तैयार करेंगे।
विकास के साथ पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं पर भी नजर जरूरी
तेजी से हो रहे विकास के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हम विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना पाएंगे? यमुना क्षेत्र में बड़े औद्योगिक और शहरी प्रोजेक्ट आने वाले हैं। इसलिए जल संरक्षण, हरित क्षेत्र, प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन और वर्षाजल निकासी को विकास की योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।इसी तरह गांवों और किसानों को केवल जमीन के बदले पैसा देने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्हें नए विकसित क्षेत्रों में रोजगार, कौशल विकास और आर्थिक अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है।

नया NCR सिर्फ इमारतों से नहीं बनेगा
नोएडा से ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र तक जिस तेजी से बदलाव हो रहा है, वह पूरे NCR के भविष्य की तस्वीर बदल सकता है। लेकिन एक आधुनिक शहर केवल चौड़ी सड़कों, ऊंची इमारतों और औद्योगिक पार्कों से नहीं बनता।आधुनिक शहर वह है जहां किसान को सम्मान मिले, युवा को रोजगार मिले, उद्योग को सुविधाएं मिलें, नागरिक को बेहतर परिवहन मिले और पर्यावरण सुरक्षित रहे।नोएडा और ग्रेटर नोएडा ने विकास की पहली बड़ी मंजिल हासिल कर ली है। अब यमुना क्षेत्र के रूप में NCR के सामने विकास का नया क्षितिज है। जरूरत केवल इतनी है कि इस विकास को योजनाबद्ध, पारदर्शी और जनहित केंद्रित रखा जाए।आने वाला दशक नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र को केवल NCR का हिस्सा नहीं, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक और औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल कर सकता है।
वीरेश तिवारी — जनतंत्र एवं स्तंभकार