पैलानी।सरकारी अभिलेखों में मुख्यमार्ग...मौके पर झाड़-झंखाड़।जसपुरा ब्लॉक क्षेत्र के गौरी कलां गांव में बांदा रोड से भिटारी तालाब के दक्षिण होकर जाने वाले रास्ते की यही हकीकत ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।रास्ते की सफाई और आवागमन सुचारु कराने के लिए ग्रामीण पिछले तीन साल से अधिकारियों के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। शिकायतों के बाद जांच भी हुई,लेकिन रास्ते की तस्वीर नहीं बदली।गौरी कलां निवासी बिंदा प्रसाद ने खंड विकास अधिकारी जसपुरा को दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि चक संख्या 858 और 582 राजस्व अभिलेखों में मुख्यमार्ग के रूप में दर्ज हैं। इस रास्ते से ग्रामीण अपने खेतों तक पहुंचते हैं।साथ ही श्री प्रहलाद सिंह डिग्री कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी यही मार्ग महत्वपूर्ण है।ग्रामीणों के मुताबिक बरसात में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है। पेड़-पौधे,झाड़ियां और झाड़-झंखाड़ बढ़ जाने से रास्ते पर चलना मुश्किल हो जाता है।किसानों को खेतों तक पहुंचने में परेशानी होती है,जबकि विद्यार्थियों को भी आवागमन में दिक्कत झेलनी पड़ती है।
2023 में शिकायत, 2024 में जांच,2026 में फिर फरियाद
बिंदा प्रसाद के अनुसार उन्होंने 18 मार्च 2023 और 16 जुलाई 2023 को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत की थी।इसके बाद 4 जुलाई 2024 को एसडीएम को शिकायती पत्र दिया गया। उनके मुताबिक एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल और कानूनगो ने मौके पर जांच की और रिपोर्ट के बाद मामला खंड विकास अधिकारी जसपुरा को भेजा गया।इसके बावजूद रास्ते की सफाई नहीं कराई गई।ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत से लेकर जांच तक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।अब एक बार फिर खंड विकास अधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर रास्ते से पेड़-पौधे और झाड़-झंखाड़ हटवाकर आवागमन सुगम कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों का सवाल—जब रास्ता अभिलेखों में मुख्यमार्ग तो सफाई में देरी क्यों?
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द रास्ते की सफाई कराने की मांग की है।उनका कहना है कि रास्ता सिर्फ खेतों तक पहुंचने का माध्यम नहीं है, बल्कि कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के आवागमन से भी जुड़ा है।ऐसे में इसकी अनदेखी से ग्रामीणों के साथ छात्र-छात्राओं को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।