ग्रेटर नोएडा (गिरीश नारायण)। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 93वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के सुनियोजित औद्योगिक एवं शहरी विकास को गति देने के साथ नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति, औद्योगिक भूखंडों पर निवेश की प्रगति, किसानों से जुड़े मामलों, लॉजिस्टिक्स पार्क, इंडस्ट्रियल नोड, इंटरनेशनल ट्रेड सिटी और ठोस कचरा प्रबंधन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 14 सितंबर 2026 तक यीडा की कुल प्राप्तियां 4,222.37 करोड़ रुपये रही हैं। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में यह राशि 1,495.43 करोड़ रुपये थी। इस तरह इस वर्ष प्राप्तियों में 182.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। औद्योगिक/मिक्स लैंड योजना से 2,420.7 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे वर्ष के निर्धारित बजट का 174.47 प्रतिशत है। वहीं, इस अवधि में प्राधिकरण ने भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 4,344.34 करोड़ रुपये खर्च किए।

नागरिक सुविधाओं के लिए बनेगा कॉरपस फंड
बोर्ड बैठक में यीडा क्षेत्र में विकसित नागरिक अवस्थापना के दीर्घकालिक रखरखाव और वित्तीय स्थायित्व के लिए ‘यीडा कॉरपस फंड इन्वेस्टमेंट रेगुलेशन 2026-27’ को मंजूरी दी गई। इसके तहत वन टाइम लीज रेंट और अन्य पात्र गैर-आवर्ती प्राप्तियों को अलग कॉरपस फंड में रखा जाएगा और निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित निवेश किया जाएगा।
फंड से मिलने वाले ब्याज और अनुमन्य राशि का उपयोग सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पार्क, ग्रीन बेल्ट और अन्य नागरिक सुविधाओं के रखरखाव एवं मरम्मत में किया जाएगा। इससे बढ़ते विकास के साथ नागरिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए दीर्घकालिक वित्तीय व्यवस्था तैयार होगी।
मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क को मंजूरी
महायोजना-2041 के तहत क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 के अनुरूप मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित करने का निर्णय लिया गया। पात्र निवेशकों को ई-ऑक्शन के माध्यम से भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी बोर्ड ने मंजूरी दी है। इससे क्षेत्र में निवेश, रोजगार और आधुनिक सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट के दक्षिण में 8 हजार हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल नोड विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। बोर्ड के समक्ष इसकी प्रगति रखी गई। नोड की महायोजना तैयार करने के लिए कंसल्टेंट चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके विकसित होने से एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलने की संभावना है।
इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तैयारी
यीडा क्षेत्र में इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। प्रस्तावित ट्रेड सिटी में क्षेत्र के औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध कराने की परिकल्पना है। इससे स्थानीय उद्योगों को नए बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
औद्योगिक भूखंडों पर निर्माण और उत्पादन बढ़ा
बोर्ड बैठक में औद्योगिक निवेश को धरातल पर उतारने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। 4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार के 295 औद्योगिक भूखंडों में से 181 की लीज डीड निष्पादित, 152 आवंटियों को कब्जा और 69 भूखंडों पर निर्माण शुरू हो चुका है। इनमें 13 इकाइयों में उत्पादन भी प्रारंभ हो गया है।
सेक्टर-28 के मेडिकल डिवाइस पार्क में 203 भूखंडों में से 123 आवंटित हो चुके हैं, 75 को कब्जा दिया गया है और 28 पर निर्माण शुरू हो गया है। पार्क में प्रोटोटाइप लैब, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली फैसिलिटी, आईओएमटी, बायोमटेरियल, कॉमन आईटी फैसिलिटी और टूलिंग रूम जैसी सुविधाओं का विकास भी जारी है। इसके अलावा अपैरल पार्क, एमएसएमई पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और टॉय पार्क में भी बड़ी संख्या में भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं।

आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 पर काम
यीडा की ओर से आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी जारी है। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर उनके निस्तारण की संस्तुति की गई है। इसके आधार पर संशोधित ड्राफ्ट महायोजना तैयार की जा रही है, जो भविष्य में क्षेत्र के भूमि उपयोग और विकास की दिशा तय करेगी।
किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड, 3,142 करोड़ अतिरिक्त प्रतिकर
भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पात्र किसानों को 7 प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है। अब तक 10,069 किसानों के आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं और 4,978 भूखंडों का विभिन्न सेक्टरों में नियोजन किया गया है। किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर के रूप में करीब 3,142 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
वहीं, भूमि क्रय प्रक्रिया में नई दरों को लागू करने का निर्णय भी लिया गया है। आपसी सहमति से भूमि क्रय के लिए 4,558 रुपये प्रति वर्गमीटर और एक्सप्रेसवे सहित 4,037 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित की गई है। पूर्व दरों पर सहमति देने के बावजूद 20 अगस्त 2026 तक बैनामा नहीं करा पाने वाले किसानों के मामलों में भी संशोधित दरों पर बैनामा कराने का प्रावधान किया गया है।
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कचरा प्रबंधन के लिए नए बायलॉज का ड्राफ्ट
यीडा क्षेत्र में इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और सैनिटेशन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीपीआर तैयार कराई गई है। इसके साथ ही ‘यीडा वेस्ट मैनेजमेंट (रेगुलेशन एंड कंट्रोल) बायलॉज-2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसके लागू होने से वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।