भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 08 November 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
1620 परिवारों के हितों पर संकट! साया गोल्ड एवेन्यू AOA ने GDA और डिप्टी रजिस्ट्रार की कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल, बैंक खाता फ्रीज करने पर जताई आपत्ति दीपोत्सव में जगमगाई नोएडा फेस-2 मंडी, अन्नदाताओं का हुआ सम्मान सिकंदराबाद में सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित, 30 में से 9 शिकायतों का मौके पर निस्तारण दीपावली को लेकर पहासू में पुलिस का पैदल मार्च, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा सिकंदराबाद में मासूम की सिर कुचलकर हत्या से सनसनी, आरोपी फरार अहमदगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर खनन अधिकारी का बड़ा एक्शन तीन डंपर सीज। दीपावली, भाई दूज एवं छठ पूजा के दृष्टिगत यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा के लिए परिवहन विभाग ने जारी की एडवाइजरी शिकारपुर में सीओ ने किया पैदल मार्च, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा धनतेरस पर अंसारी रोड बाजार में मेले का शुभारंभ, डीएम-एसएसपी ने किया फीता काटकर उद्घाटन मुख्यमंत्री ने ‘लोकतंत्र बचाओ- अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को किया संबोधित
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
Uttar Pradesh

UP का सबसे सीनियर PCS अफ़सर बर्खास्त !!

नियम में लीजबैक की यह सुविधा सिर्फ स्थानीय गांव के पात्र किसानों के लिए आरक्षित थी (जिसमें प्रति परिवार अधिकतम 450 वर्ग मीटर का प्रावधान था)।

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 29 Sep 2026, 08:59 AM | Views: 0 | 1 मिनट पढ़ें
UP का सबसे सीनियर PCS अफ़सर बर्खास्त !!

उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ PCS अधिकारी हरीश चंद्र 1997 बैच को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कदम नोएडा विकास प्राधिकरण में उनके कार्यकाल के दौरान हुए ₹3,800 करोड़ से ₹4,000 करोड़ के बड़े लीजबैक घोटाले (भूखंड घोटाले) में संलिप्तता के चलते उठाया गया है।

 

उत्तर प्रदेश के सबसे सीनियर  1997 बैच के पीसीएस अधिकारी हरीश चंद्र वर्तमान में कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में खाद्य एवं रसद विभाग के स्थानिक प्रतिनिधि के पद पर तैनात है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक IAS एम. देवराज ने उनकी बर्खास्तगी केआदेश जारी कर दिया है 

नोएडा प्राधिकरण में वर्ष 2011 में सचिव पद पर तैनाती के दौरान, उन्होंने ग्राम शहदरा के सेक्टर 140-ए, 141, 142 और 143 के अंतर्गत आने वाली लगभग 3,81,527 वर्ग मीटर अर्जित भूमि को नियमों के विपरीत जाकर बाहरी लोगों और निजी कंपनियों के नाम लीजबैक कर दिया था।

नियम में लीजबैक की यह सुविधा सिर्फ स्थानीय गांव के पात्र किसानों के लिए आरक्षित थी (जिसमें प्रति परिवार अधिकतम 450 वर्ग मीटर का प्रावधान था)। विभागीय जांच में सामने आया कि नियमों को ताक पर रखकर बाहरी निजी कंपनियों को 15,000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा के भूखंड आवंटित किए गए, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹3,800 करोड़ आंकी गई थी। इनके ऊपर वर्ष 2013 से ही अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति चल रही थी, जिसकी जांच नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन सीईओ IAS रितु माहेश्वरी ने की थी। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है।

आज का मुद्दा Hindi News Breaking News Uttar Pradesh

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें