नोएडा। काशी और अयोध्या की आध्यात्मिक परंपराओं की तर्ज पर नोएडा में पहली बार ‘श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम–2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आगामी कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजकों द्वारा प्रेसवार्ता की गयी। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि आगामी 7 नवंबर को सेक्टर-94 स्थित यमुना तट, कालिंदी कुंज पुल के समीप आयोजित होने वाले इस महासंगम में 21 हजार दीपों से यमुना तट को रोशन किया जाएगा। आयोजन में काशी से आए 11 विद्वान वैदिक आचार्य मां यमुना की भव्य महाआरती करेंगे। अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महासंगम में वैदिक महायज्ञ, सामूहिक दीपदान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और वैदिक मंत्रोच्चार मुख्य आकर्षण होंगे। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगा।
संस्था के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा आयोजन के मुख्य संरक्षक ज्योतिषरत्न डॉ. गुरुजी गौतम ऋषि ने बताया कि महासंगम का उद्देश्य सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ मां यमुना की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार काशी और अयोध्या में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से आध्यात्मिक परंपराओं को नई पहचान मिली है, उसी तरह नोएडा में भी मां यमुना की आराधना और संरक्षण की स्थायी सांस्कृतिक परंपरा विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

संस्था के राष्ट्रीय महासचिव ठाकुर मान सिंह चौहान ने बताया कि आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। उन्होंने नोएडा सहित दिल्ली-एनसीआर के लोगों से परिवार सहित महासंगम में शामिल होने की अपील की। आयोजन समिति में कार्यक्रम संयोजक मनोज गुप्ता, कार्यक्रम सचिव एफसीए डॉ. मनोरंजन मोहंती, राष्ट्रीय सचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव और कार्यक्रम उपाध्यक्ष प्रेरित मान सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व्यवस्थाओं में जुटे हैं।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं और युवाओं को यमुना को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प भी दिलाया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह महासंगम धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रकृति और नदियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का भी माध्यम बनेगा।