सोनू (पवनेश कौशिक) आज का मुद्दा
बुलंदशहर (सिकंद्राबाद)
मानसून की शुरुआती दस्तक ने ही सिकंद्राबाद नगर पालिका के विकास और नाला सफाई के तमाम दावों की हवा निकाल दी है। महज थोड़ी सी बारिश में ही शहर की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। समय रहते नालों की तलीझड़ सफाई न होने के कारण जल निकासी व्यवस्था ठप हो गई, जिससे नाले उफान पर आ गए और गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा।शहर के कई प्रमुख रास्तों, बाजारों और निचले मोहल्लों में घुटनों तक पानी भर गया है। सबसे बुरी स्थिति रिहायशी इलाकों की है, जहां बारिश और नालों का बदबूदार पानी लोगों के ड्राइंग रूम और रसोई तक में दाखिल हो गया है।
स्कूली बच्चे और राहगीर परेशान
सड़कों पर हुए भारी जलभराव से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को इसी गंदे और दूषित पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे हादसों का डर भी बना हुआ है।
हर साल मानसून से पहले पालिका बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन धरातल पर काम शून्य है। कुछ मिनटों की बारिश में हमारे घरों में पानी भर जाता है। सामान खराब हो रहा है और कोई सुनने वाला नहीं है।"
स्थानीय निवासी
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
सड़कों और गलियों में जमा गंदे पानी की वजह से क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और त्वचा संबंधी बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। बदबू और मच्छरों के प्रकोप से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो चुका है।स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेते हुए नालों की तंग सफाई कराने और पम्प सेट लगाकर जल निकासी सुनिश्चित करने की मांग की है।