बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ सेक्टर-62 नोएडा में आज तीन बजे से छह बजे तक होगा विशेष धार्मिक कार्यक्रम, पीठाधीश्वर धीरज महाराज की मौजूदगी में श्रद्धालु करेंगे भजन-कीर्तन
नोएडा। वर्ष 2026 के नौ महीने कब बीत गए, इसका एहसास भी नहीं हुआ और अब अपने पितरों एवं पूर्वजों को स्मरण करने के पावन दिन शुरू हो गए हैं। इसी धार्मिक भावना के साथ आज बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ, सेक्टर-62, नोएडा में विशेष भजन-कीर्तन, सत्संग एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
हर रविवार की तरह इस रविवार भी बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ में श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्र होकर बाबा बालक नाथ जी के भजन-कीर्तन और सत्संग में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ के पीठाधीश्वर श्री श्री धीरज महाराज के सानिध्य में किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु भजनों के माध्यम से अपने पितरों और पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करेंगे तथा बाबा बालक नाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रत्येक रविवार की तरह दोपहर 3 बजे से होगा, जो शाम बाबा बालक नाथ जी के आदेश तक चलेगा। भजन-कीर्तन और सत्संग के पश्चात बाबा बालक नाथ जी की विधिवत आरती की जाएगी।
डॉ. दानी राणा का मनाया जाएगा जन्मदिन
धार्मिक कार्यक्रम के उपरांत परम प्रिय डॉ. दानी राणा जी के जन्मदिन के अवसर पर विशेष आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर केक काटकर जन्मदिन की खुशियां मनाई जाएंगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी भक्त प्रसाद ग्रहण करेंगे।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंचने और बाबा बालक नाथ जी के भजन-कीर्तन एवं सत्संग में शामिल होने का आग्रह किया है। श्रद्धालुओं से कहा गया है कि वे अपने परिवार के साथ पहुंचकर इस पावन अवसर का हिस्सा बनें और अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करें।
कार्यक्रम का होगा सीधा प्रसारण

कार्यक्रम में दूर-दराज से शामिल न हो पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ सेक्टर-62 नोएडा के यूट्यूब चैनल के साथ-साथ हिमाचली पहाड़ी गपशप के विभिन्न पोर्टलों पर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। इससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी घर बैठे भजन-कीर्तन, सत्संग और आरती से जुड़ सकेंगे।
आयोजकों ने आगामी धार्मिक कार्यक्रम “नया साल बाबे नाल” के लिए भी श्रद्धालुओं से तैयार रहने का आह्वान किया है।
जय बाबे दी।