विधान केसरी हापुड़। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग सदस्य एवं उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता मनोज वाल्मीकि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर राज्य में प्रतिवर्ष 05 अगस्त से 11 अगस्त तक 'सनातन पर्व सप्ताह' घोषित करने का अनुरोध किया है। मनोज वाल्मीकि ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि भारत की सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराएं हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख आधार हैं। उत्तर प्रदेश की पावन धरा भगवान शिव, श्रीराम और श्रीकृष्ण की तपोभूमि रही है। प्रदेश में वर्षभर अनेक पर्व मनाए जाते हैं, किंतु वर्तमान में सनातन परंपरा को समर्पित कोई समेकित सप्ताह निर्धारित नहीं है।
पत्र में 05 से 11 अगस्त की अवधि के चयन का कारण बताते हुए कहा गया है कि यह समय श्रावण मास के अंतिम सप्ताह और शिवरात्रि के आसपास की पवित्र अवधि से जुड़ा है। श्रावण मास में प्रदेश भर के शिवालयों में लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक एवं धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। इस 'सनातन पर्व सप्ताह' के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण गतिविधियों के आयोजन का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, शिवालयों में सांस्कृतिक व आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित करने, तथा सनातन संस्कृति,भारतीय दर्शन,योग, वेद और उपनिषदों पर व्याख्यान व संगोष्ठियाँ आयोजित करने की बात कही गई है।
.jpeg)
इसके साथ ही स्कूल-कॉलेजों में भारतीय संस्कृति पर निबंध, भाषण व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने, युवाओं को गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने और प्रमुख तीर्थस्थलों पर धार्मिक पर्यटन को गति देने का भी सुझाव दिया गया है। मनोज वाल्मीकि ने स्पष्ट किया कि सनातन केवल एक पर्व न होकर सह-अस्तित्व और आध्यात्मिक चेतना की व्यापक अवधारणा है। इसका उद्देश्य किसी समुदाय का विरोध न होकर केवल भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान बढ़ाना है। उन्होंने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस विषय पर त्वरित दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।