नोएडा। खुद को विश्वस्तरीय और हाईटेक सिटी के रूप में पहचान दिलाने वाले नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। सेक्टर-49 स्थित बरौला गांव का श्मशान घाट और उससे जुड़ी मुख्य सड़क बदहाली का शिकार है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे हालात में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिजनों के लिए भी परेशानी बढ़ जाती है।
भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता) के जिला अध्यक्ष चौ. महेश सिंह तंवर ने आरोप लगाया कि नोएडा की चमक-दमक मुख्य सड़कों और पॉश सेक्टरों तक सीमित है, जबकि गांवों में बुनियादी सुविधाओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाले शहर के गांवों में लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। श्मशान घाट का ढांचा भी जर्जर स्थिति में है और जल्द मरम्मत की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि बारिश के दिनों में श्मशान घाट परिसर में कीचड़, गंदा पानी और जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। परिसर में स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा भी देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुकी है। ग्रामीण वर्षों से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने श्मशान घाट और मुख्य सड़क के तत्काल पुनर्निर्माण किया जाए अन्यथा किसान संगठन द्वारा एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
संगठन के नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉ. रोहतास सिंह ने कहा कि श्मशान घाट अंतिम संस्कार का पवित्र स्थान है, लेकिन बरौला में बारिश के दौरान वहां पहुंचना और अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण समस्या लंबे समय से बनी हुई।
इस मौके पर सतीश तंवर, कविंद्र तवर और भारी संख्या में किसान और स्थानीय निवासी मौजूद थे।