पंचकूला, 28 सितंबर, आज का मुद्दा (चंद्रपाल राणा) जननायक जनता पार्टी पंचकूला के ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि नगर निगम पंचकूला के मेयर शामलाल बंसल ने जो 10 एडहोक कमेटियों का गठन अपने स्तर पर किया है वो नियमों के मुताबिक नहीं है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 40 के अंतर्गत किसी भी एडहोक कमेटी का गठन करने की पावर नगर निगम हाउस की होती है जिसके लिए बाकायदा एजेंडा जारी करके नगर निगम के बैठक में पूरी चर्चा करने के बाद अगर किसी कमेटी के सदस्य बनाने के लिये वोटिंग की जरूरत पड़े तो चुने गए पार्षदों (वार्ड सदस्यों) के वोट पड़ते हैं तथा मेजोरटी के हिसाब से सदस्य चुने जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे अहम कमेटी फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्टस कमेटी होती है हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 40 (3)के मुताबिक नगर निगम का मेयर इस कमेटी का चेयरमैन होता है दोनों डिप्टी मेयर इसके सदस्य होते हैं तथा अन्य दो सदस्यों को नगर निगम हाउस की मीटिंग में पार्षदों के चुनाव कराकर ज्यादा वोट वाले दो सदस्यों को इस कमेटी के सदस्य चुने जाते हैं।
जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि मेयर ने अपने स्तर जो एडहोक कमेटियों का गठन किया है उसके लिए नगर निगम की बैठक में बकायदा पहले से जारी किए एजेंडा पर चर्चा करके गठन किया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा बनाई गई कमेटियों का लीगली कोई मायने नहीं है तथा इनको तुरंत वापिस लेकर नगर निगम की बैठक में एजेंडा पास करके नियमानुसार इन सभी कमेटियों का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम में बकायदा हरियाणा नगर निगम अधिनियम में दी गई शक्तियों एवं एक्ट के अनुसार कार्य होना चाहिए ये किसी की निजि सम्पत्ति नहीं है।