बुलंदशहर,
आशीष कुमार आज का मुद्दा
रक्षाबंधन का त्यौहार इस वर्ष परम्परागत रुप से 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस अवसर पर महिलाओ एवं बालिकाओं द्वारा अपने भाइयो की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के दृष्टिगत आवागमन बना रहता है, जिस कारण रक्षाबंधन पर सड़को पर भारी संख्या में यातायात रहता है जिससे प्रायः जाम/दुर्घटना होने की स्थिति उत्पन्न होने की सम्भावना रहती है। कतिपय स्थानों पर स्थानीय मेले आदि परम्परागत तौर पर आयोजित किए जाते हैं। त्यौहार को शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने हेतु सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत मेरठ परिक्षेत्र मे व्यापक पुलिस प्रबन्ध किये गये हैं।
पुलिस मीडिया सेल द्वारा उपरोक्त जानकारी देते हुए अवगत कराया गया है कि ड्यूटी मे लगाया जाने वाला कुल पुलिस बल 3500 है जिसमें कानून व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के जनपदों में 5 अपर पुलिस अधीक्षक, 20 सीओ, 80 निरीक्षक, 600 उपनिरीक्षक, 1005 मुख्य आरक्षी, 1360 आरक्षी, 380 होमगार्ड/पीआरडी एवं 1 कम्पनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है। परिक्षेत्रीय जनपदो मे कुल 83 एन्टी रोमियो स्कवॉड जिनमें जनपद मेरठ मे 32, बुलन्दशहर में, 28, बागपत में 12 व हापुड़ मे 11 स्कवॉड सक्रिय किये गये हैं। आयोजित होने वाले मेलो की संख्या-10 है, जिसमें जनपद मेरठ मे 5 व जनपद हापुड़ में 5 मेलों का आजोजन होना प्रस्तावित है। परिक्षेत्र की सभी जनपदीय पुलिस द्वारा पीस कमेटी/धर्म गुरु /शांति समिति/ संभ्रान्त व्यक्तियों के साथ 90, अन्य विभाग जैसे नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत विभाग आदि के साथ 80 गोष्ठियां आयोजित कर ली गई हैं।
त्यौहार के सकुशल आयोजन एवं सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी द्वारा परिक्षेत्र के समस्त जनपद प्रभारियो को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं कि रक्षाबन्धन पर्व के कुछ दिन पूर्व से ही बाजार रक्षा सूत्रों एवं मिठाईयों की बिक्री हेतु देर रात्रि तक खुले रहते हैं, जिससे बाजारों में एवं आवागमन के रास्तों में महिलाओं की अधिक भीड़ होने के कारण छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग, लूट आदि की घटनाओं के घटित होने की आशंका बढ़ जाती है, जिसके दृष्टिगत समुचित पुलिस प्रबन्ध कर विशेष सतर्कता बरती जाये। गुण्डा दमन दल एवं एन्टी रोमियो स्क्वायड को क्रियाशील किया जाए, जो जेब कतरों, चोर, चेन स्नेचर, मनचलो पर कार्यवाही करते रहे। स्थानीय रोडवेज अधिकारियों, बस/टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों आदि से वार्ता कर आने-जाने हेतु समुचित मात्रा में वाहन उपलब्ध रहने हेतु प्रभावी कार्यवाही कर ली जाए।
रेलवे स्टेशनों/बस स्टेशनों तथा जनपद स्थित हाईवे/मुख्य मार्गों/सम्पर्क मार्गा पर सुरक्षा के समुचित पुलिस प्रबंध कराना सुनिश्चित करें। सार्वजनिक/भीड़ वाले स्थानों पर बालिकाओं/महिलाओं के साथ छेड़खानी की सम्भावना बढ़ जाती है, जिसके दृष्टिगत सादे वस्त्रों में महिला पुलिस कार्मिको तथा एण्टी रोमियो स्क्वायड की भी ड्यूटी लगायी जाये। इस पर्व को पारिवारिक सदस्यों के साथ मनाये जाने की परम्परा है, इस भावना से लोगों के जनपदों के अन्दर तथा जनपदों के बाहर आने-जाने के कारण आवागमन के साधनों यथा रेल/बस स्टेशनों पर काफी भीड़ रहती है, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस प्रबन्ध किये जाये। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मोटरसाइकिल एवं अन्य निजी वाहनों से आवागमन करते हैं, जिससे सड़क दुर्घटना होने की सम्भावना रहती है। जिन मार्गों से अधिक संख्या में वाहनों के आवागमन की सम्भावना हो उन मार्गा को चिन्हित कर समुचित यातायात एवं सुरक्षा प्रबन्ध किये जायें, जिससे कोई दुर्घटना घटित न होने पाये। दोपहर बाद सार्वजनिक स्थानों यथा बाजार, मॉल्स, पार्क आदि में लोगों की भीड़ बढ़ जाती है । अतः इन स्थानों के आस-पास सघन तलाशी अभियान चलाया जाये ।

अवांछनीय एवं संदिग्ध वाहनों/व्यक्तियों व लावारिस वस्तुओं की एण्टी सेबोटाज चैक टीम से चेकिंग भी करायी जाये। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस पिकेट की व्यवस्था की जाये, ताकि असामाजिक तत्वों द्वारा छींटाकशी एवं छेड़छाड़ तथा अन्य कोई घटना न कारित की जा सके। अराजक एवं समाज विरोधी तत्वों को पूर्व से ही चिन्हित कर उन पर सतर्क दृष्टि रखी जाये एवं उनके विरूद्ध पर्याप्त निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। इस अवसर पर कतिपय स्थानों पर शोभायात्रा, मेला, सामूहिक आयोजन, दंगल आदि का आयोजन किया जाता है। ऐसे समस्त कार्यक्रमों में आने वाली भीड़ व सुरक्षा के दृष्टिगत सूचीबद्ध करते हुये प्रभावी पुलिस प्रबन्ध व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाये। स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों/मेलों आदि की जानकारी कर आयोजनकर्ताओं के साथ वार्ता /गोष्ठी कर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु सक्रिय सहयोग प्राप्त करते हुए सुरक्षा के समुचित पुलिस प्रबंध कराना सुनिश्चित करें।
गोष्ठी के दौरान आयोजनकर्ताओं द्वारा दिए गए सुझावों का स्थानीय परिस्थिति के अनुसार आंकलन कर नियमानुसार निराकरण करा लिया जाए। यूपी-112 की दो पहिया/चार पहिया पीआरवी का आवश्यकतानुसार पुनर्व्यवस्थापन किया जाये। थाना प्रभारी स्वयं भ्रमणशील रहकर प्रत्येक छोटी से छोटी सूचना को गम्भीरता से लेकर तत्परता से कार्यवाही करें, ताकि कोई भी छोटी से छोटी घटना बड़ा रूप न ले सके। जनपदीय अभिसूचना तन्त्र को और अधिक सक्रिय एवं सतर्क कर दिया जाये तथा असामाजिक, अवांछनीय एवं साम्प्रदायिक तत्वों की गतिविधियों पर विशेष रूप से कड़ी नजर रखी जाये।
जनपदीय नियंत्रण कक्ष तथा सोशल मीडिया सेल को सक्रिय व सतर्क कर दिया जाये तथा अफवाह/भ्रामक सूचना प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाये एवं इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खण्डन किया जाये। किसी भी छोटी से छोटी घटना/सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर तत्काल अपेक्षित कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।