भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 25 October 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मेगा विधिक सहायता एवं जागरूकता शिविर की तैयारियों की समीक्षा दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण: BS-IV से नीचे की बसों के प्रवेश पर 1 नवंबर से रोक गांव में शिक्षा को मिलेगी डिजिटल उड़ान, राज्यसभा सांसद ने किया डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन MLC चुनाव का मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न, बैरन हॉल में बनी अस्थाई स्ट्रांग रूम में जमा हुईं मतपेटिकाएं शान्तिपूर्ण मतदान के लिए भ्रमणशील रहे जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक विधान परिषद मेरठ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने किया मतदान केंद्रों का निरीक्षण मदरसन कंपनी का यूपी में ₹3,491 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार हार्ट अटैक की वजह बन सकता है बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, 5 फूड्स करेंगे कंट्रोल करने में मदद वाराणसी में गंगा की लहरों के ऊपर आसमान में गूंजा भारतीय वायुसेना का शौर्य, राफेल-सुखोई के करतबों से रोमांचित हुए दर्शक NHRACF द्वारा गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज, सेक्टर 26, चंडीगढ़ में नशा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
Mumbai

20 साल छुपने के बाद भी पुलिस के हाथ से नहीं बच पाया ‘पापलेट’!

इंद्र यादव/मुंबई। भांडुप पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सुनकर लगता है—अरे भई, 20 साल तक छुपकर रहने वाला आरोपी भी आखिरकार पुलिस की नजर में आ ही गया! रविंद्र उर्फ पापलेट एकनाथ विचारे नाम का यह शख्स पिछले दो दशक से फरार था।

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 25 Aug 2026, 09:27 PM | Views: 0 | 2 मिनट पढ़ें
20 साल छुपने के बाद भी पुलिस के हाथ से नहीं बच पाया ‘पापलेट’!

इंद्र यादव/मुंबई। 

भांडुप पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सुनकर लगता है—अरे भई, 20 साल तक छुपकर रहने वाला आरोपी भी आखिरकार पुलिस की नजर में आ ही गया! रविंद्र उर्फ पापलेट एकनाथ विचारे नाम का यह शख्स पिछले दो दशक से फरार था। नाम बदला, पता बदला, शहर बदला… लेकिन पुलिस ने कहा—बेटा, अब काफी हो गया छुपन-छुपाई का खेल!

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भांडुप थाने में तीन गंभीर मामले दर्ज हैं—हत्या, हत्या का प्रयास और डकैती। मुंबई की अदालत ने उसे तीनों मामलों में फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर रखा था। मतलब अदालत ने साफ कह दिया था कि “इसको जहां मिले, पकड़ लो।” लेकिन पापलेट साहब ने सोचा होगा—अरे, 20 साल में तो पुलिस वाले भी रिटायर हो जाएंगे, मैं आराम से घूमता रहूंगा।” लेकिन भांडुप पुलिस की अपराध प्रकटीकरण टीम ने उनका हिसाब-किताब बिगाड़ दिया।


जांच के दौरान पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। आरोपी ने अपनी पहचान इतनी अच्छी तरह बदली थी कि लगता था जैसे कोई जासूसी फिल्म का हीरो बनने की कोशिश कर रहा हो। तभी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह अलग-अलग जगहों पर नाम-पता बदलकर रह रहा है। पुलिस ने उसके दूर के रिश्तेदारों से पूछताछ की और तकनीकी जांच शुरू की। नतीजा! सातारा जिले के नागठाणे क्षेत्र में आरोपी का ठिकाना मिल गया।सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने तुरंत वहां पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने संबंधित अपराधों में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे भांडुप पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 632/1990 के मामले में अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी की उम्र 51 साल है और वह सातारा जिले के नागठाणे का ही रहने वाला है। करीब दो दशक तक फरार रहने के बावजूद गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के दम पर पकड़ा जाना भांडुप पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई।अब सवाल यह है कि 20 साल तक छुपने वाला आरोपी आखिर क्यों पकड़ा गया! जवाब सीधा है—

पुलिस की मेहनत और आधुनिक जांच पद्धति के आगे पुराने जमाने की छुपन-छुपाई भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाती। पापलेट साहब को अब समझ आ गया होगा कि नाम बदलने से काम नहीं चलता, पुलिस का काम तो पकड़ना ही है!

आज का मुद्दा Hindi News Breaking News Mumbai

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें