भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 05 October 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ में रविवार को गूंजेंगे भक्ति के स्वर, भजन-कीर्तन के बाद होगा भंडारा गढ़ हाईवे मार्ग किनारे घायल अवस्था में मिला मगरमच्छ, मची अफरा-तफरी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में छाया सिद्धार्थनगर के खेतों से निकले कालानमक चावल का जादू अम्बरपुर में विशाल कबड्डी क्लब टूर्नामेंट-2026 का आगाज, समाजसेवी शिवा विजय ने किया 51 हजार का सहयोग स्वच्छता ही सेवा 2026: दादरी में चला जनजागरूकता अभियान, C&D वेस्ट और कचरा पृथक्करण को लेकर नागरिकों को किया जागरूक आसमान में मंडराया खतरा तो हिम्मत बनी सैकड़ों यात्रियों की ढाल कांग्रेस कमेटी ने गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया माल्यार्पण नगर पंचायत जेवर :गांधी जयंती पर सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छता के प्रति नागरिकों को किया जागरूक कोरोना काल में दिवंगत पत्रकारों को नोएडा मीडिया क्लब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, स्मृति वन में गूंजे स्मृतियों के स्वर गांधी-शास्त्री जयंती पर ग्रेनो प्राधिकरण में कार्यक्रम, अधिकारियों ने प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर किया नमन
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
Mumbai

20 साल छुपने के बाद भी पुलिस के हाथ से नहीं बच पाया ‘पापलेट’!

इंद्र यादव/मुंबई। भांडुप पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सुनकर लगता है—अरे भई, 20 साल तक छुपकर रहने वाला आरोपी भी आखिरकार पुलिस की नजर में आ ही गया! रविंद्र उर्फ पापलेट एकनाथ विचारे नाम का यह शख्स पिछले दो दशक से फरार था।

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 25 Aug 2026, 09:27 PM | Views: 0 | 2 मिनट पढ़ें
20 साल छुपने के बाद भी पुलिस के हाथ से नहीं बच पाया ‘पापलेट’!

इंद्र यादव/मुंबई। 

भांडुप पुलिस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सुनकर लगता है—अरे भई, 20 साल तक छुपकर रहने वाला आरोपी भी आखिरकार पुलिस की नजर में आ ही गया! रविंद्र उर्फ पापलेट एकनाथ विचारे नाम का यह शख्स पिछले दो दशक से फरार था। नाम बदला, पता बदला, शहर बदला… लेकिन पुलिस ने कहा—बेटा, अब काफी हो गया छुपन-छुपाई का खेल!

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ भांडुप थाने में तीन गंभीर मामले दर्ज हैं—हत्या, हत्या का प्रयास और डकैती। मुंबई की अदालत ने उसे तीनों मामलों में फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर रखा था। मतलब अदालत ने साफ कह दिया था कि “इसको जहां मिले, पकड़ लो।” लेकिन पापलेट साहब ने सोचा होगा—अरे, 20 साल में तो पुलिस वाले भी रिटायर हो जाएंगे, मैं आराम से घूमता रहूंगा।” लेकिन भांडुप पुलिस की अपराध प्रकटीकरण टीम ने उनका हिसाब-किताब बिगाड़ दिया।


जांच के दौरान पुलिस के पास कोई ठोस सुराग नहीं था। आरोपी ने अपनी पहचान इतनी अच्छी तरह बदली थी कि लगता था जैसे कोई जासूसी फिल्म का हीरो बनने की कोशिश कर रहा हो। तभी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह अलग-अलग जगहों पर नाम-पता बदलकर रह रहा है। पुलिस ने उसके दूर के रिश्तेदारों से पूछताछ की और तकनीकी जांच शुरू की। नतीजा! सातारा जिले के नागठाणे क्षेत्र में आरोपी का ठिकाना मिल गया।सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने तुरंत वहां पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने संबंधित अपराधों में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे भांडुप पुलिस थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 632/1990 के मामले में अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी की उम्र 51 साल है और वह सातारा जिले के नागठाणे का ही रहने वाला है। करीब दो दशक तक फरार रहने के बावजूद गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के दम पर पकड़ा जाना भांडुप पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई।अब सवाल यह है कि 20 साल तक छुपने वाला आरोपी आखिर क्यों पकड़ा गया! जवाब सीधा है—

पुलिस की मेहनत और आधुनिक जांच पद्धति के आगे पुराने जमाने की छुपन-छुपाई भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाती। पापलेट साहब को अब समझ आ गया होगा कि नाम बदलने से काम नहीं चलता, पुलिस का काम तो पकड़ना ही है!

आज का मुद्दा Hindi News Breaking News Mumbai

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें