इंद्र यादव!मुंबई,
आर्थिक राजधानी मुंबई में एक ऐसा तमाशा हो गया कि सुनकर पुलिस वाले भी सिर पकड़ लें। एक दिमागी तौर पर थोड़ा ‘स्पेशल’ आदमी निकला, जिसने एक ही दिन में दो-दो गाड़ियाँ चुरा लीं। पहले आम आदमी की कार, फिर सीधे मुंबई पुलिस की सरकारी गाड़ी! गनीमत ये रही कि इस पूरे ‘एक्शन ड्रामा’ में किसी की जान नहीं गई, वरना तो ये फिल्म का सीन बन जाता।
पूरा किस्सा कुछ यूँ है
सुबह-सुबह आरोपी ने किसी बेचारे की कार चुराई और उसे गलत दिशा में ऐसे दौड़ाया जैसे कोई रोड रोलर हो। खतरनाक तरीके से गाड़ी हाँकते हुए वो पुलिस की नजर में आ गया। पुलिस ने कथित तौर पर उसे पकड़ भी लिया… लेकिन ये शातिर बाज की तरह फुर्र हो गया। मतलब पकड़ा गया, फिर भी भाग निकला। पुलिस वाले शायद सोच रहे होंगे – अरे ये तो जादुई है!
लेकिन ये आदमी यहीं नहीं रुका। अगली सुबह कोस्टल रोड पर पहुँचा। वहाँ मुंबई पुलिस की ट्रैफिक एस्कॉर्ट गाड़ी खड़ी थी। ड्राइवर श्री पाटिल साहब कुछ देर के लिए वॉशरूम गए हुए थे। आरोपी ने मौका देखा और सोच लिया – ये तो भगवान ने भेजी हुई सरकारी गाड़ी है! बिना किसी हिचक के पुलिस की गाड़ी स्टार्ट करके रफूचक्कर हो गया।फिर क्या था… वर्ली और महालक्ष्मी इलाके में वो पुलिस की गाड़ी को गलत दिशा में ऐसे घुमाता रहा जैसे कोई रोड पर अपना राज चला रहा हो।
लोग सड़क किनारे खड़े होकर शायद सोच रहे होंगे – अरे भाई, पुलिस वाली गाड़ी गलत साइड में क्यों जा रही है! नया नियम आ गया क्या!आखिरकार मुंबई पुलिस ने घेराबंदी करके इस ‘सुपर चोर’ को धर दबोचा। गाड़ी तो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी – मानो आरोपी ने उसे टेस्ट ड्राइव के नाम पर तोड़-फोड़ दिया हो। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
कुल मिलाकर, मुंबई में एक ऐसा चोर निकला जिसने पुलिस की गाड़ी चुराकर साबित कर दिया कि हिम्मत अगर हो तो सरकारी गाड़ी भी अपनी लग सकती है। बस वॉशरूम का टाइमिंग सही होना चाहिए!