आज का मुद्दा! सैय्यद मज़हर
गुलावठी ! नगर में चल रहे 73वें रामलीला महोत्सव के भव्य आयोजन में रामलीला परागण में वृंदावन के कलाकारों ने श्री राम भरत लक्ष्मण और शत्रुघ्न के जन्म के साथ रावण की तपस्या का भी भव्य मंचन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंदमुग्ध कर दिया ! कलाकारों ने इस धार्मिक प्रसंगो को जीवित रूप में प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया !
मंचन में दिखाया गया कि राजा दशरथ संतान प्राप्ति के लिए मुनि वशिष्ठ के परामर्श पर श्रृंगी ऋषि से यज्ञ करवाते हैं यज्ञ से प्रसन्न होकर अग्नि देव प्रकट होते हैं और राजा दशरथ को चार पुत्रों के प्रप्ति का वरदान देते हैं साथ ही तीनों रानियां को खीर खाने का प्रसाद भी देते हैं ! इसके बाद अयोध्या में चारों राजकुमारों के जन्म होने पर खुशी मनाई जाती है और पूरी अयोध्या नगरी इस खुशी जश्न मानती है ! इससे पूर्व रावण तपस्या का मंचन प्रस्तुत किया गया मंचन में प्रस्तुत किया गया कि रावण कुंभकरण और विभीषण ब्रह्मा से वरदान प्राप्त करने के लिए घोर तपस्या करते हैं और ब्रह्मा जी से वरदान में कुंभकरण निद्रा विभीषण भक्ति और रावण आवश्यकता अनुसार वरदान मांगता है !

इन सभी प्रस्तुति को देखकर दर्शको को मोहित किया ! रामलीला समिति के पदाधिकारियो द्वारा रामलीला महोत्सव पर किए गया भव्य आयोजन मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है जहां श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंच रहे हैं !