आज का मुददा बुलंदशहर (त्रिलोक चन्द) : छतारी थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान ढहने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। जबकि एक बुजुर्ग महिला घायल हो गई। गुरूवार रात करीब 12:30 बजे एक मंजिल का बना मकान अचानक भरभराकर गिरा। हादसे में घर में सो रहे 3 लोग मलबे में दब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटना की सूचना पर थाना छतारी पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एमडीआरवी की टीमें और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अलीगढ़ से मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल भी बुलाई गई। टीम ने करीब 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों को मलबे से निकला। हादसे में चाचा-भतीजे की मौके पर ही मौत गई। जबकि, 70 साल की बुजुर्ग महिला को गंभीर घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। एक ही परिवार में दो मौतों से परिवार में कोहराम मच गया।
छतारी कस्बे के रहने वाले राजेश (30) मजदूरी करते थे। राजेश के परिवार में मां चंद्रकला (70), सात भाई-बहन अन्दकुमार (50), रामेश्वर (47), सुनीता (45), ज्ञानचंद (43), रेखा (39), महेश (37), पुष्पा (35) हैं। पिता की कुछ साल पहले ही मौत हो गई। राजेश अविवाहित थे और अपनी मां के साथ रहते थे। राजेश के भाई ज्ञानचंद का परिवार भी पड़ोस में ही रहता है। ज्ञानचंद के तीन बच्चे अजय कुमार (21), शिवानी (18) और सचिन (16) हैं। ज्ञानचंद मजदूरी करते हैं। बेटा सचिन भी भाई राजेश के साथ ही काम करता था।

गुरूवार की रात अधबने मकान के कमरे में राजेश और सचिन कमरे के अंदर सो रहे थे। वहीं, चंद्रकला कमरे के बाहर बरामदे में सो रही थीं। तभी रात करीब साढ़े 12 बजे मकान अचानक भरभराकर गिर गया। कमरे में सो रहे तीनों मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तीनों को मलबे से निकालना शुरू किया और घटना की जानकारी पुलिस को दी। बताया गया कुछ दिनों पहले पड़ोस में आग लग गई थी। जिसके कारण मकान की दीवारों में दरार आ गई थी। वह जर्जर हो चुका था।
हादसे की सूचना सबसे पहले नगर पंचायत चेयरमैन हाजी सलीम ने आधी रात को ही सभी आला अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही चेयरमैन के निर्देश पर नगर पंचायत छतारी की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और पुलिस-प्रशासन के साथ रातभर रेस्क्यू और राहत कार्य में जुटी रही। चेयरमैन हाजी सलीम खुद भी मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे। घटना की सूचना पर थाना छतारी पुलिस, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और एमडीआरवी की टीमें और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अलीगढ़ से मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल भी बुलाई गर्द।

तीन घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
करीब तीन घंटो चले रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने तीनों को मलबे से बाहर निकाल लिया एनडीआरएफ ने घटनास्थल पर श्वान दल से भी तलाशी अभियान चलाया। घायलों को उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में भेजा गया है, साथ ही मृतकों को भी मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा गया था जिसमें उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। फिलहाल घायल चंद्रकला की हालत सामान्य बताई जा रही है।
सूचना मिलने पर घटना स्थल पर एसपी देहात अंतरिक्ष जैन, सीओ डिबाई मधुप कुमार सिंह, सीओ अनूपशहर शशांक श्रीवास्तव, आसपास के थाने नरौरा, अहमदगढ़, डिबाई, पहासू मय पुलिस टीम के मौके पर पहुंचे। वहीं सूचना पर एडीएम वित्त अभिषेक कुमार सिंह, एसडीएम शिकारपुर प्रतीक्षा पांडेय, एसडीएम डिबाई रविकांत चौबे मौके पर पहुंचे।