नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली की सड़कों को रात के समय अधिक सुरक्षित औररोशन बनाने के लिए दिल्ली सरकार नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहतलोक निर्माण विभाग की सड़कों पर यदि कोई स्ट्रीट लाइट खराब पाई जाती है, तो संबंधित निजी कंपनीपर प्रति घंटे के आधार पर आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही स्ट्रीट लाइटों की निगरानी केलिए अत्याधुनिक डिजिटल नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा।नई व्यवस्था के अनुसार, किसी भी स्ट्रीट लाइट के बंद रहने की अवधि को घंटों में दर्ज किया जाएगाऔर जितने समय तक लाइट खराब रहेगी, उतने समय का जुर्माना संबंधित कंपनी से वसूला जाएगा।सरकार का उद्देश्य रखरखाव कार्य में लापरवाही को समाप्त करना तथा नागरिकों को अंधेरी सड़कों कीसमस्या से राहत दिलाना है।
योजना के तहत स्ट्रीट लाइट लगाने और उनके 5 वर्ष तक रखरखाव का दायित्व संभालने वाली कंपनियोंको एकमुश्त भुगतान नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर कुल भुगतान 5 वर्षों की अवधि में 60मासिक किस्तों के माध्यम से किया जाएगा। प्रत्येक माह भुगतान से पहले डिजिटल प्रणाली द्वारा दर्जजुर्माने की राशि संबंधित कंपनी की किस्त से काट ली जाएगी। इससे कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चितकी जाएगी।इस व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल नियंत्रण कक्ष स्थापितकिया जाएगा, जो सीधे सभी स्ट्रीट लाइटों से जुड़ा रहेगा। जैसे ही किसी भी क्षेत्र में कोई स्ट्रीट लाइट बंदहोगी, उसकी सूचना स्वतः नियंत्रण कक्ष को प्राप्त हो जाएगी। इसके लिए न तो आम नागरिकों कोशिकायत दर्ज कराने की आवश्यकता होगी और न ही विभाग को अलग से निरीक्षण करना पड़ेगा।सरकार की योजना के अनुसार इस व्यवस्था को पूरे दिल्ली क्षेत्र में लागू किया जाएगा। प्रारंभिक चरण मेंलगभग 96 हजार स्ट्रीट लाइटों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि विभाग के अधीन लगभग 1440 किलोमीटर लंबी सड़कें आती हैं और इन
सड़कों पर पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नईव्यवस्था के माध्यम से कंपनियों को पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा। जितनी अधिक लाइटें बंद रहेंगी,उतना ही अधिक आर्थिक दंड लगाया जाएगा और उसी के अनुरूप भुगतान में कटौती की जाएगी।सरकार का मानना है कि इस नई प्रणाली से न केवल सड़कों पर बेहतर रोशनी सुनिश्चित होगी, बल्किरात्रिकालीन आवागमन के दौरान नागरिकों की सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी।