नोएडा। थाना फेस-1 पुलिस ने कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-2 स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, पासबुक, कॉलिंग डेटा, स्क्रिप्ट बुक, बिलिंग बुक और इंटरनेट राउटर बरामद किए गए हैं।
नोएडा जोन की एडीसीपी मनीषा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीति के रूप में हुई है। सभी को सेक्टर-2 स्थित डी-80 भवन की पहली मंजिल पर संचालित फर्जी कॉल सेंटर से गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी कम ब्याज पर लोन दिलाने का लालच देकर लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर रकम वसूलने के साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी हासिल कर लेते थे। पैसे मिलने के बाद न तो लोन दिलाया जाता था और न ही जमा की गई राशि वापस की जाती थी।
पुलिस ने बताया कि "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत संदिग्ध बैंक खातों और एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान इस गिरोह का सुराग मिला। जांच में पता चला कि इस कॉल सेंटर के खिलाफ विभिन्न राज्यों में एनसीआरपी पोर्टल पर 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में बीएनएस की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।