राजधानी के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के दौरानशिक्षाविद् एवं जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट दर्ज की गई है चिकित्सकों के अनुसार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन उनका रक्तचाप घटकर104/66 मिलीमीटर पारा रह गया है, जबकि अब तक उनका लगभग 7.8 किलोग्राम वजन कमहो चुका है।आंदोलनकारियों के अनुसार जंतर-मंतर पर चल रहा धरना 23वें दिन में पहुंच गया है। सोनमवांगचुक 28 जून से इसआंदोलन में शामिल हैं और तभी से लगातार भूख हड़ताल पर हैं।आंदोलन स्थल पर विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और बौद्धिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के पहुंचनेका क्रम भी जारी है।आयोजकों के कार्यक्रम के अनुसार दिन का समापन अर्थशास्त्री जयती घोष के सार्वजनिकव्याख्यान के साथ होगा, जिसमें बेरोजगारी और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा कीजाएगी। इसके अलावा अन्य छात्र संगठनों से जुड़े कुछ कार्यकर्ता भी अलग मंच पर अपनी भूखहड़ताल जारी रखे हुए हैं।
शनिवार को सोनम वांगचुक ने लोगों से स्वयं आगे आकर नागरिक जिम्मेदारियों का निर्वहनकरने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी एक व्यक्ति में नायक तलाशने केबजाय अपने कर्तव्यों के प्रति सजग होना चाहिए। साथ ही उन्होंने 20 जुलाई को प्रस्तावितसंसद मार्च में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की।आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन की ओर से परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के मुद्दे परकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केइस्तीफे तथा प्रभावित छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपयेमुआवजा दिए जाने की मांग की जा रही है। संगठन ने मानसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाईको संसद तक मार्च निकालने की घोषणा भी की है।
उल्लेखनीय है कि यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलनमें शामिल हुए और उसके बाद से लगातार भूख हड़ताल पर हैं। चिकित्सक उनकी स्वास्थ्यस्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।