राजधानी के आदर्श नगर इलाके के मजलिस पार्क की संकरी गलियों में उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक चार मंजिला रिहायशी इमारत में शनिवार
देर रात भीषण आग लग गई। दूसरी मंजिल के एसी में शॉर्ट सर्किट से शुरू होकर तीसरी मंजिलतक जा पहुंची। छत पर रखे कई एसी के आउटर और एक गैस सिलेंडर में धमाका होने से आगने फिर विकराल रूप ले लिया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
संकरी गली होने के चलते दमकल गाड़ियों को पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई और समय पर किए गए बचाव कार्य की वजह से एक बड़े हादसे कोटालने में सफलता मिली। गनीमत यह रही कि पुलिस ने जान जोखिम में डालकर समय रहतेअलग-अलग फ्लोर पर फंसे 5 से 6 लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया।
1,000 लोगों की भीड़ और सुरक्षित रेस्क्यू
आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी होगी। बहरहाल पुलिस मामले कीजांच कर रही है। हादसे को देखने के लिए गली में करीब 1,000 लोगों की भारी भीड़ जमा होगई थी। इसी बीच, पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए सबसे पहले आस-पास के घरों में रह रहे लोगोंको सुरक्षित बाहर निकाला और भीड़ को नियंत्रित किया। इस बीच फायर कर्मियों की टीम मौकेपर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। पुलिस के कामकी लोगों ने जमकर सराहना की है।
धमाकों से दहली इमारत
मजलिस पार्क की गली नंबर-10 में छत पर लगे एसी के आउटडोर यूनिट्स ने जैसे ही आग पकड़ी, उनमें तेज ब्लास्ट होने शुरू हो गए। इसी बीच इमारत के अंदर रखा एक गैस सिलेंडर भीअत्यधिक गर्मी के कारण फट गया, जिसने आग में घी का काम किया और आग ने पूरी इमारतको अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से पानी के पाइपों के जरिएखुद ही शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। इसी बीच एलपीजी सिलेंडर
अचानक धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि सुरक्षा के लिहाज सेपुलिसकर्मियों को कुछ देर के लिए पीछे हटना पड़ा। दमकलकर्मियों ने मोर्चा संभाला और काफीमशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
वैज्ञानिक का घर जला
अग्निकांड में सबसे ज्यादा नुकसान इमारत की तीसरी मंजिल को हुआ है। इस फ्लोर पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वरिष्ठ वैज्ञानिक अरि सुदन तिवारी अपनेपरिवार के साथ रहते हैं। आग की चपेट में आने से उनका पूरा फ्लैट और उसमें रखा कीमतीसामान जलकर पूरी तरह जल गया। राहत की बात सिर्फ यह रही कि घटना के समय वैज्ञानिकका परिवार बिहार गया हुआ था और घर बंद था, जिससे हादसा नहीं हुआ। आग बुझाते समय
दमकल विभाग के दो कर्मचारी आंशिक रूप से घायल भी हुए हैं。