ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीड़ा ) की 91वीं बोर्ड बैठक बुधवार को अध्यक्ष आलोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में औद्योगिक विकास, निवेश, बुनियादी ढांचे और किसानों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बोर्ड के फैसलों से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां 1,371.75 करोड़ रुपये रही हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 114.33 प्रतिशत अधिक हैं। औद्योगिक और मिश्रित भूमि योजनाओं से भी प्राधिकरण को उल्लेखनीय राजस्व प्राप्त हुआ है।बोर्ड ने हाई-राइज भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग को 50 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही एमएसएमइ,हैंडीक्राफ्ट, टॉय, अपैरल और मेडिकल डिवाइस पार्कों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण फैसला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र (आगरा की ओर) को इंडस्ट्रियल नोड के रूप में विकसित करने का रहा। इसके अलावा चीन के यिवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर यीड़ा इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की योजना पर भी सहमति बनी।किसानों के हित में बोर्ड ने निर्णय लिया कि अधिग्रहित भूमि के सापेक्ष मिलने वाले 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र भूमि क्रय के तुरंत बाद जारी किया जाएगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी।स्वास्थ्य एवं अनुसंधान क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को सेक्टर-9 में 30 एकड़ भूमि एडवांस्ड रिसर्च फैसिलिटी स्थापित करने के लिए आवंटित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
इसके अलावा विभिन्न सेक्टरों में भूमि क्रय, मास्टर प्लान सड़कों का निर्माण, सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक एवं हाइड्रोजन बसों के संचालन तथा धनौरी वेटलैंड क्षेत्र में वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।बोर्ड ने स्पष्ट किया कि इन फैसलों का उद्देश्य यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को विश्वस्तरीय औद्योगिक, अनुसंधान, निवेश और आधुनिक शहरी विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है।