नई दिल्ली/नोएडा । मिशन शक्तिसैट से जुड़े अंतरराष्ट्रीय राजदूतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाकात की। इस दौरान अंतरिक्ष शिक्षा, महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तीकरण और उन्हें वैश्विक स्तर पर नए अवसर उपलब्ध कराने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल अलग-अलग देशों के राजदूतों ने अपने देशों के बारे में जानकारी साझा करने के साथ मिशन शक्तिसैट के तहत किए जा रहे कार्यों और अपने अनुभवों से मंत्री को अवगत कराया। चिराग पासवान ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और मिशन से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली।
बैठक में मिशन शक्तिसैट की टीम ने पहल के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और वैश्विक प्रभाव को लेकर प्रस्तुति दी। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मिशन का उद्देश्य व्यावहारिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसरों के माध्यम से दुनिया भर की लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाना है। मिशन से 108 से अधिक देशों की भागीदारी जुड़ी होने का दावा किया गया।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मिशन शक्तिसैट की पहल की सराहना करते हुए इसे महिलाओं और बालिकाओं को अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने डॉ. केसन के प्रयासों और मिशन को वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने की उनकी दूरदृष्टि की भी प्रशंसा की।
चिराग पासवान ने कहा कि महिलाओं की क्षमता, दृढ़ता और संकल्प उन्हें नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने मिशन शक्तिसैट के उद्देश्यों को भारत सरकार के व्यापक विकास दृष्टिकोण से जोड़ते हुए विकसित भारत के संकल्प तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि मिशन शक्तिसैट का दायरा भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों की लड़कियों और महिलाओं को अंतरिक्ष शिक्षा तथा तकनीकी अवसरों से जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। 108 से अधिक देशों की भागीदारी इसके वैश्विक स्वरूप को दर्शाती है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बातचीत और उनके प्रोत्साहन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मंत्री ने सभी प्रतिनिधियों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना और मिशन के उद्देश्यों को समझने में व्यक्तिगत रुचि दिखाई।
मिशन शक्तिसैट डॉ. केसन के नेतृत्व में संचालित एक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की व्यावहारिक शिक्षा, मार्गदर्शन और अवसरों के माध्यम से दुनिया भर की लड़कियों और महिलाओं को सशक्त बनाना है।