आज का मुददा बुलंदशहर (त्रिलोक चन्द/आशीष कुमार)
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी के त्यौहार से पहले महंगाई ने जनता को ऐसा झटका दिया है की पूरे त्यौहार का सीजन ही फीका कर दिया हैं। एक साथ चीनी के दाम आसमान छूते नजर आ रहे हैं, मात्र 8 दिन के अंदर चीनी 42 रुपए किलो से बढ़कर अब चीनी मार्केट में 65 रुपए किलो मिल रही है। जबकि लोगों का कहना है आज तक इतनी महंगी चीनी कभी नहीं देखी हैं। आज के दौर में चीनी हर व्यक्ति की एक बहुत बड़ी जरूरत ही बन गई है। क्योंकि किसी भी त्यौहार पर रिश्तेदार और मिलने वाले लोग आते रहते हैं और प्रत्येक व्यक्ति उनके स्वागत सत्कार के लिए चाय जरूर बनती है। लेकिन अब तो महंगाई ने लोगों की चाय को भी फीका कर दिया है। चीनी के साथ-साथ अन्य और वस्तुओं की बात करें तो उनके दाम भी आसमान छू रहे हैं।
अगर हम रिफाइंड और सरसों के तेल की बात करते हैं। रिफाइंड मार्केट में 750 ग्राम की थैली लगभग डेढ़ सौ रुपए के आसपास है और उसके 1 किलो वजन की कीमत लगाई जाये तो 200 रुपए किलो बैठती है। इसी तरह सरसों के तेल के दाम भी 200 रुपए के आसपास हैं। इतना ही नहीं अगर मसालो की भी हम बात करें तो वह भी आसमान छू रहे हैं चाहे मिर्च हो, चाहे धनिया हो, चाहे जीरा हो, चाहे हल्दी हो सभी ने आसमान छूना शुरु कर दिया है, आखिर गरीब बेचारा करें तो क्या करें। मजदूर वर्ग के लोगों की अगर बात करें तो लोग बोल रहे हैं सरकार ने गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों का तो जीना दुश्वार कर दिया है। गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों की थाली से धीरे-धीरे सभी चीज गायब होती जा रही हैं।

अब त्योहार को इतनी महंगाई में लोग कैसे मनाए। दूसरी तरफ व्यापारियों को भी एक बहुत बड़ा डर सता रहा है व्यापारियों का यह भी कहना है कि व्यापारी लोगों ने अपनी दुकानों पर महंगे रेट में सभी सामान खरीद कर रख लिए हैं, अगर वह अचानक दाम गिर जाते हैं तो व्यापारियों को भी बहुत नुकसान होगा। लेकिन व्यापारी हो या आम जनता इस त्यौहार के सीजन में महंगाई की मार से जूझ रही है। लेकिन सरकार को शायद गरीब जनता की कोई फिक्र नहीं है। एक तरफ सरकार महंगाई कम करने की बात कर रही है लेकिन दूसरी तरफ किसी न किसी बहाने सरकार लोगों की कमर को भी तोड़ रही है। जबकि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी का त्यौहार एक बड़े त्योहार के रूप में मानाया जाता है और इस बार महंगाई ने इस कदर कमर तोड़ दी की लोग सामान लाने में बहुत मजबूर है, आखिर लोगों का त्यौहार कैसे मनेगा।
उधर मिष्ठान की दुकान करने वाले लोगों का कहना है जब चीनी के दाम महंगे होंगे तो मिठाइयां भी आसमान छूने लगेगी। अगर चारों तरफ निगाह घूमाकर देखी जाए तो बाजार में कोई भी वास्तु सस्ते दामों पर नहीं मिल रही है। जिसका रेट सुनकर गरीब और मजदूर वर्ग के लोग बाजार से खाली हाथ लौट जाने को मजबूत दिखाई दे रहे हैं। चारों तरफ महंगाई से जनता त्राहि त्राहि कर रही है। लेकिन सरकार की क्या मंशा है यह तो खुद ही जान सकती हैं। दुकानदारों से लेकर आम जनता से बात की गई तो सभी ने बताया की महंगाई ने गरीब तबके वर्ग के लोगों की कमर तोड़ दी है। लेकिन अब तो त्योहार को मनाना भी बहुत कठिन कार्य लग रहा है।

चीनी के बढ़ते दामों पर प्रशासन सख्त, एसडीएम ने थोक विक्रेताओं के यहां की छापेमारी
स्याना नगर क्षेत्र में चीनी के दामों में लगातार हो रही वृद्धि को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा ने शनिवार को थोक चीनी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर स्टॉक की जांच की। अचानक हुई कार्रवाई से विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। एसडीएम ने कई थोक प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया और अभिलेखों से मिलान किया। एसडीएम लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि चीनी के दामों में बढ़ोतरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते थोक विक्रेताओं के स्टॉक की जांच की गई है। प्रारंभिक जांच में अधिकांश स्थानों पर स्टॉक सही मिला है। जांच अभी जारी है। यदि कोई जमाखोरी या कृत्रिम रूप से दाम बढ़ाने का मामला पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की मंशा आम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर चीनी उपलब्ध कराना है। इस दौरान मार्केटिंग इंस्पेक्टर, सप्लाई इंस्पेक्टर और मंडी इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे।