भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 14 September 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
गणेश चतुर्थी पर एनआर ग्लोबल स्कूल परिवार ने दी शुभकामनाएँ यू0पी0 इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न बज रहे ढोल नगाड़े, गणपति हमारे घर में पधारे! जनपद के मा0 प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह की अध्यक्षता में "सेवा संकल्प अभियान" की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न मिशन शक्ति 5.0: बुलंदशहर पुलिस ने महिलाओं-बालिकाओं को किया जागरूक खुर्जा में गणेश चतुर्थी पर भव्य भंडारे का आयोजन, भाजपा नेत्री रंजना सिंह हुई शामिल हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी की थीम पर मनाया जा रहा 9वां राष्ट्रीय पोषण माह पंजाब की जनता को चुटकुले नहीं, विकास और समस्याओं का समाधान चाहिए — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शांति व्यवस्था भंग करने वाले लोगों के विरुद्ध की जाएगी कठोर कार्रवाई : एसडीएम ग्रेटर नोएडा में ‘सिग्नेचर पार्क’ प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
state and city

बज रहे ढोल नगाड़े, गणपति हमारे घर में पधारे!

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 14 Sep 2026, 09:29 PM | Views: 0 | 1 मिनट पढ़ें
बज रहे ढोल नगाड़े, गणपति हमारे घर में पधारे!

इस रिपोर्ट में क्या खास है?

  • खबर को स्थानीय पाठकों के संदर्भ में सरल भाषा में समझाया गया है।
  • जहां उपलब्ध हो, आधिकारिक जानकारी, प्रत्यक्ष बयान और जमीन से मिली जानकारी को आधार बनाया जाता है।
  • नई जानकारी आने पर रिपोर्ट को अपडेट किया जाता है और तारीख ऊपर दी जाती है।

अंजना भागी
अध्यक्ष, सोशल प्रोग्रेस एसोसिएशन

विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता, बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान श्री गणेश के पावन आगमन से आज सेक्टर-11 का वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठा।गणपति जी की महिमा से जुड़ा महाभारत का एक अद्भुत प्रसंग  हमें उनके ज्ञान और बुद्धिमत्ता का परिचय कराता है।महाभारत ग्रंथ की रचना से पहले महर्षि वेदव्यास जी ने इच्छा व्यक्त की कि वे महाभारत की कथा बोलेंगे और कोई ऐसा होना चाहिए जो उनकी वाणी के साथ-साथ उसे लिखता जाए, ताकि कथा का प्रवाह बाधित न हो और महाभारत जैसा महान ग्रंथ पूर्ण रूप से लिपिबद्ध हो सके।

कहा जाता है कि देवताओं में से कोई भी इस कठिन कार्य के लिए तैयार नहीं हुआ। तब भगवान श्री गणेश का स्मरण किया गया।
गणपति जी ने इस कार्य को स्वीकार किया, लेकिन एक शर्त रखी कि महर्षि वेदव्यास जी बिना रुके बोलते रहेंगे। महर्षि वेदव्यास जी ने भी अपनी बुद्धिमत्ता से एक शर्त रख दी कि गणपति जी प्रत्येक श्लोक का अर्थ समझकर ही उसे लिखेंगे।इसके बाद महाभारत की रचना आरंभ हुई।महर्षि वेदव्यास जी जिस गति से श्लोक बोलते जाते, गणपति जी उसी अद्भुत गति से उन्हें लिखते जाते। उनकी लेखनी इतनी तीव्र थी कि एक वाक्य पूरा होते ही अगला वाक्य लिखने के लिए वे तैयार रहते। इस प्रकार भगवान श्री गणेश की बुद्धि, एकाग्रता और लेखन-कौशल के सहयोग से महाभारत जैसे महान ग्रंथ की रचना संभव हुई।इसीलिए भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान, विवेक और शुभारंभ के देवता माना जाता है।

आज जब छाया जी के घर सेक्टर-11 में गणपति बप्पा का आगमन हुआ है, तो यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि अपने जीवन में ज्ञान, सद्बुद्धि, सकारात्मकता और आपसी प्रेम को आमंत्रित करने का अवसर भी है।इन दस दिनों तक हम गणपति बप्पा की भक्ति के साथ अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और नकारात्मकता को दूर करने का संकल्प लें।
गणपति बप्पा हमारे घर पधारे हैं—
उनके साथ सुख आए, शांति आए, समृद्धि आए और हर विघ्न दूर हो।

आज का मुद्दा Hindi News Breaking News state and city

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें