भारत की आवाज • सच के साथ
Updated: 05 October 2026 | Hindi News Portal
मुद्दा
आज का मुद्दा
नजर आपकी खबर आपकी
ब्रेकिंग
बाबा बालक नाथ सिद्ध पीठ में रविवार को गूंजेंगे भक्ति के स्वर, भजन-कीर्तन के बाद होगा भंडारा गढ़ हाईवे मार्ग किनारे घायल अवस्था में मिला मगरमच्छ, मची अफरा-तफरी यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में छाया सिद्धार्थनगर के खेतों से निकले कालानमक चावल का जादू अम्बरपुर में विशाल कबड्डी क्लब टूर्नामेंट-2026 का आगाज, समाजसेवी शिवा विजय ने किया 51 हजार का सहयोग स्वच्छता ही सेवा 2026: दादरी में चला जनजागरूकता अभियान, C&D वेस्ट और कचरा पृथक्करण को लेकर नागरिकों को किया जागरूक आसमान में मंडराया खतरा तो हिम्मत बनी सैकड़ों यात्रियों की ढाल कांग्रेस कमेटी ने गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया माल्यार्पण नगर पंचायत जेवर :गांधी जयंती पर सफाई मित्रों का सम्मान, स्वच्छता के प्रति नागरिकों को किया जागरूक कोरोना काल में दिवंगत पत्रकारों को नोएडा मीडिया क्लब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, स्मृति वन में गूंजे स्मृतियों के स्वर गांधी-शास्त्री जयंती पर ग्रेनो प्राधिकरण में कार्यक्रम, अधिकारियों ने प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर किया नमन
आज का मुद्दा पर प्रकाशित खबरों में स्थानीय संदर्भ, सत्यापन और पाठकों के काम की जानकारी को प्राथमिकता दी जाती है।
state and city

बज रहे ढोल नगाड़े, गणपति हमारे घर में पधारे!

आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क | Updated: 14 Sep 2026, 09:29 PM | Views: 0 | 1 मिनट पढ़ें
बज रहे ढोल नगाड़े, गणपति हमारे घर में पधारे!

अंजना भागी
अध्यक्ष, सोशल प्रोग्रेस एसोसिएशन

विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता, बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान श्री गणेश के पावन आगमन से आज सेक्टर-11 का वातावरण भक्ति और उल्लास से भर उठा।गणपति जी की महिमा से जुड़ा महाभारत का एक अद्भुत प्रसंग  हमें उनके ज्ञान और बुद्धिमत्ता का परिचय कराता है।महाभारत ग्रंथ की रचना से पहले महर्षि वेदव्यास जी ने इच्छा व्यक्त की कि वे महाभारत की कथा बोलेंगे और कोई ऐसा होना चाहिए जो उनकी वाणी के साथ-साथ उसे लिखता जाए, ताकि कथा का प्रवाह बाधित न हो और महाभारत जैसा महान ग्रंथ पूर्ण रूप से लिपिबद्ध हो सके।

कहा जाता है कि देवताओं में से कोई भी इस कठिन कार्य के लिए तैयार नहीं हुआ। तब भगवान श्री गणेश का स्मरण किया गया।
गणपति जी ने इस कार्य को स्वीकार किया, लेकिन एक शर्त रखी कि महर्षि वेदव्यास जी बिना रुके बोलते रहेंगे। महर्षि वेदव्यास जी ने भी अपनी बुद्धिमत्ता से एक शर्त रख दी कि गणपति जी प्रत्येक श्लोक का अर्थ समझकर ही उसे लिखेंगे।इसके बाद महाभारत की रचना आरंभ हुई।महर्षि वेदव्यास जी जिस गति से श्लोक बोलते जाते, गणपति जी उसी अद्भुत गति से उन्हें लिखते जाते। उनकी लेखनी इतनी तीव्र थी कि एक वाक्य पूरा होते ही अगला वाक्य लिखने के लिए वे तैयार रहते। इस प्रकार भगवान श्री गणेश की बुद्धि, एकाग्रता और लेखन-कौशल के सहयोग से महाभारत जैसे महान ग्रंथ की रचना संभव हुई।इसीलिए भगवान गणेश को बुद्धि, ज्ञान, विवेक और शुभारंभ के देवता माना जाता है।

आज जब छाया जी के घर सेक्टर-11 में गणपति बप्पा का आगमन हुआ है, तो यह केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि अपने जीवन में ज्ञान, सद्बुद्धि, सकारात्मकता और आपसी प्रेम को आमंत्रित करने का अवसर भी है।इन दस दिनों तक हम गणपति बप्पा की भक्ति के साथ अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और नकारात्मकता को दूर करने का संकल्प लें।
गणपति बप्पा हमारे घर पधारे हैं—
उनके साथ सुख आए, शांति आए, समृद्धि आए और हर विघ्न दूर हो।

आज का मुद्दा Hindi News Breaking News state and city

Author: आज का मुद्दा डिजिटल डेस्क

आज का मुद्दा जनता से जुड़े मुद्दों, स्थानीय खबरों और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करता है।

संबंधित खबरें