**सेक्टर-22, नोएडा।** नोएडा प्राधिकरण के विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर रघुनाथपुर, सेक्टर-22 में सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासी ने सड़क और नाली निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई। उनका यह भी कहना है कि मामले की शिकायत पहले IGRS पोर्टल के माध्यम से की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता ने संबंधित अवर अभियंता (JE) सौरभ की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर जानकारी देने और शिकायत करने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

तीन दिन में सड़क उखड़ने का आरोप
रघुनाथपुर सेक्टर-22 में हाल ही में बनाई गई सड़क की स्थिति निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है। शिकायत में दावा किया गया है कि निर्माण के महज तीन दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगी। इसके अलावा गलियों को समतल नहीं बनाने और नालियों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने मुख्य सड़क से बारात घर वाले नाले तक हुए निर्माण कार्य में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
IGRS पोर्टल पर शिकायत, फिर भी कार्रवाई का इंतजार?

शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने इस मामले को पहले भी IGRS पोर्टल के माध्यम से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया था। इसके अलावा, उनके अनुसार निर्माण कार्य के दौरान संबंधित JE को फोन, व्हाट्सऐप संदेश और तस्वीरों के जरिए भी जानकारी दी गई थी।
बड़ा सवाल जवाब एक ही है डेट बदल दी बस मज़ाक बना दिया cm पोर्टल को भ्रस्ट अधिकारियो ने

इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता ने संबंधित JE और PE स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि शिकायतों पर समय रहते संज्ञान लिया जाता, तो निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराकर आवश्यक सुधार कराया जा सकता था।
सरकारी धन और जनता की सुविधाओं पर सवाल
सड़क और नाली जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण में गुणवत्ता से समझौता होने पर स्थानीय लोगों को लंबे समय तक परेशानी उठानी पड़ सकती है। यदि कम समय में सड़क क्षतिग्रस्त होने की शिकायत सही पाई जाती है, तो यह निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था की जांच का विषय बन सकता है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि संबंधित निर्माण कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री के नमूनों की जांच हो और अनियमितता की पुष्टि होने पर जिम्मेदार ठेकेदारों तथा अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, जहां निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाए, वहां आवश्यक सुधार कराया जाए। चौड़ा रघुनाथपुर मैं पिछले 1 वर्ष मैं जो सड़के बानी है उनकी जाँच भी की जानी आवश्यक है क्युकी एक साल मैं आरसीसी की रोड कैसे टूट जा रही है सभी सड़के बदहाल हो गयी एक साल मैं ही मामला साफ है की सडक निर्माण मैं प्राधिकरण के अधिकारियो की महा कृपया के चलते ठेकेदार घटिया सामग्री का इस्तमाल कर रहे है
बड़ा सवाल: क्या शिकायतों पर जवाबदेही तय होगी?
रघुनाथपुर सेक्टर-22 का यह मामला एक अहम सवाल खड़ा करता है—यदि किसी निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर बार-बार शिकायत की जाती है, तो उसकी जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या नोएडा प्राधिकरण IGRS पर की गई शिकायत का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराएगा? क्या संबंधित JE शोरभ और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा होगी? इन सवालों के जवाब अब प्राधिकरण की कार्रवाई से ही सामने आएंगे।
जीएम साहब के पास समय नहीं, जेई और पीई भी जांच करने मौके पर नहीं पहुंचे! आखिर नोएडा प्राधिकरण में जनता की शिकायतों को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है?
रघुनाथपुर, सेक्टर-22 नोएडा में सड़क और नाली निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई, लेकिन आरोप है कि अब तक जेई और पीई भी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचे हैं।
सवाल यह है कि जब अधिकारी मौके पर जाकर जांच ही नहीं करेंगे, तो घटिया निर्माण की सच्चाई सामने कैसे आएगी?
नोएडा प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों से मांग है कि सड़क और नाली निर्माण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और यदि भ्रष्टाचार के साक्ष्य मिलें, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
*शिकायत के बाद भी नहीं होती नालियों की सफाई, आखिर जनता की समस्या कौन सुनेगा

नोएडा में शिकायत करने के बावजूद नालियों की सफाई नहीं होने से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जाती है, तो उसके बाद भी समस्या का समाधान क्यों नहीं होता?
क्या अधिकारियों की जिम्मेदारी केवल शिकायत दर्ज करना है, या मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराना भी है?
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मांग है कि शिकायतों का संज्ञान लेकर संबंधित क्षेत्र में नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों व अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
जनता को सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, जमीन पर न्याय चाहिए!