नोएडा, गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिताकी धारा 163 के तहत पूरे जिले में लागू कर दी। इसके तहत बिना पूर्व अनुमतिके पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने, भड़काऊ भाषण देने औरगुमराह करने वाली जानकारी फैलाने पर रोक लगा दी गई है।यह आदेश शनिवार सुबह से लागू होगा और 20 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा। यह कदम ऐसेसमय में उठाया गया है जब कॉकरोच जनता पार्टी ने पड़ोसी दिल्ली में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। वे विपक्षी दलों और अन्य लोगों द्वारा देश की चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।किसान संघों और युवा संगठनों सहित कई समूहों ने उत्तर प्रदेश समेत देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई है और नोएडा की दिल्ली से लगी सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल और सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) सहित अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया है।दशहरा और महानवमी के कार्यक्रमों और विभिन्न परीक्षाओं पर भी लागू होगाअतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (कानून-व्यवस्था) अर्चना सिंह द्वारा जारी यह आदेश 11 अक्टूबर सेशुरू होने वाले नवरात्रि त्योहार, 19 और 20 अक्टूबर को होने वाले दशहरा और महानवमी केकार्यक्रमों और विभिन्न परीक्षाओं पर भी लागू होगा।इसमें किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समूहों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर किएजा रहे प्रदर्शनों का भी ज़िक्र किया है। आदेश में कहा है कि असामाजिक तत्वों द्वारासार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है;।
स्थिति की गंभीरता और दूसरे पक्षों को सुनवाई का मौका देने के लिए समय कीकमी को देखते हुए यह आदेश एकतरफा जारीकिया है।इस आदेश के तहत, कोई भी व्यक्ति पुलिस आयुक्त, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त या पुलिसउपायुक्त की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक सड़कों या टोल प्लाज़ा पर जुलूस आयोजित नहींकर सकता या उसमें शामिल नहीं हो सकता, और न ही सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससेज्यादा लोगों के समूह में इकट्ठा हो सकता है। इसमें यह भी कहा गया है कि सरकार द्वाराअनुमति प्राप्त कार्यक्रमों के लिए छूट दी जा सकती है।
ड्रोन के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोकइन प्रतिबंधों में भड़काऊ नारे और भाषण, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, तनाव भड़काने यासांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली गतिविधियों और फिल्मिंग या फोटोग्राफी के लिए ड्रोन केअनधिकृत इस्तेमाल पर भी रोक लगाई गई है। सरकारी दफ्तरों के 1 KM के दायरे में ड्रोन से फ़िल्मिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी है।सार्वजनिक जगहों पर लगे ड्रोन, बैरिकेड, सीसीटीवी कैमरे या पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करने पर भी रोक है। इस आदेश में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकरके इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाई गई है और बिना इजाज़त सार्वजनिक सड़कों या जगहों पर धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक है। इसमें विवादित जगहों पर बिना इजाज़त पूजा-पाठ, धार्मिकअपमान, भड़काऊ प्रदर्शन, हथियार ले जाने या दिखाने, जश्न में फायरिंग करने, सार्वजनिक रूपसे शराब पीने, अफ़वाहें या गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने और खतरनाक सामान जमाकरने पर भी रोक लगाई है।
चीनीमांझे की बिक्री या इस्तेमाल पर रोककारोबार जबरन बंद कराने, ज़रूरी सामान की सप्लाई में रुकावट डालने और चीनीमांझे कीबिक्री या इस्तेमाल पर भी रोक है। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में बड़ी भीड़ जमा करने,बिना इजाज़त लाउडस्पीकर बजाने और फोटोकॉपी करने पर पाबंदी है, साथ ही बिना इजाज़त इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और नकल के साधनों के इस्तेमाल पर भी रोक है।पुलिस ने कहा कि यह आदेश गौतम बुद्ध नगर में 10 से 20 अक्टूबर तक लागू रहेगा, जब तक कि उत्तर प्रदेश सरकार के किसी बाद के आदेश से इसमें बदलाव न किया जाए। नियमों काउल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत सज़ा दी जाएगी।
असल में, यह आदेश गौतम बुद्ध नगर में 10 दिनों के लिए कई तरह की पाबंदियां लगाता है।इसमें त्योहारों, परीक्षाओं और विरोध-प्रदर्शनों के तेज़ होने की अवधि शामिल है, साथ ही नियमोंके उल्लंघन पर सज़ा का प्रावधान भी किया गया है।