जम्मू कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं– इंजीनियर सूरत ठाकुर
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है| परंतु ग्रामीण क्षेत्र अभी भी इस विकास की लहर से काफी दूर है|

जम्मू कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं– इंजीनियर सूरत ठाकुर
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद राज्य के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है| परंतु ग्रामीण क्षेत्र अभी भी इस विकास की लहर से काफी दूर है| ग्रामीण क्षेत्र स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, रोजगार, स्वच्छ पेयजल, अच्छे चिकित्सक, शौचालय, स्कूल जैसी सुविधाओं से वंचित है| ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक कृषि तकनीक, जागरूकता की कमी और सिंचाई की सुविधाओं के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है|
जबकि यहां की अधिकांश जनता कृषि पर निर्भर है| गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर का उच्च शिक्षित, युवा वर्ग इस कमी को दूर करने के लिए, केंद्र शासित प्रदेश को विकास की तेज रफ्तार देने के लिए आगे बढ़ चुका है| उधमपुर के पंचारी क्षेत्र के रहने वाले उच्च शिक्षित, होनहार युवा सूरत ठाकुर सिविल इंजीनियरिंग में शिक्षा प्राप्त करने के बाद, ग्रामीण समुदाय के उत्थान के लिए,समर्पित होकर राज्य के चहूंमुखी विकास के लिए, चुनौतियों का सामना कर सार्थक परिणाम लाने के लिए जुट चुके हैं| सूरत ठाकुर के द्वारा किए जा रहे कार्यों की पूरे जम्मू कश्मीर में जमकर प्रशंसा हो रही है|
युवा वर्ग को नशे की लत से बाहर लाने के कारण उनकी लोकप्रियता उच्च स्तर पर पहुंच रही है| उनके इस अभियान में भारी संख्या में युवा वर्ग उनके साथ जुड़ रहा है|उधमपुर क्षेत्र के पंचारी और मोगरी क्षेत्र से उन्होंने अपने इस अभियान की शुरुआत की है| जो धीरे-धीरे पूरे राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करता चला जा रहा है| सिविल इंजीनियरिंग में मेधावी छात्र होने के साथ-साथ, सूरत ठाकुर एक प्रतिभाशाली व संपन्न परिवार से संबंध रखते हैं| बचपन से ही उन्होंने अपने ग्रामीण क्षेत्र व अपने समुदाय की चुनौतियों का बारीकी से अध्ययन किया हुआ है|
उनको आर्थिक,सामाजिक ,मानसिक ,शैक्षिक तौर पर विश्व स्तरीय ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने स्वयं को समर्पित किया है| उन्होंने राज्य की संस्कृतिक धरोहर व पर्यावरण संरक्षण के लिए भी वृक्षारोपण अभियान , क्षेत्र के वनवासियों को अपने इस अभियान से जोड़ा है| पहाड़ी क्षेत्रों में वनों की कटाई और पर्यावरण के नुकसान को रोकने के लिए भी उन्होंने अपना अभियान शुरू किया है| सूरत ठाकुर ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस सरकारी हस्तक्षेप और जन समर्थन की बहुत बड़ी आवश्यकता है|
नीति निर्माता से भी उन्होंने विशेष रूप से अपनी अपील करते हुए कहा है कि वह जम्मू कश्मीर की समस्याओं के समाधान को खुला वास्तविक व्यावहारिक रूप से कार्य करें| उन्होंने सरकार से मोबाइल स्वास्थ्य यूनिट और बेहतर सुविधाओं से युक्त अस्पतालों के माध्यम से स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का कार्य करने के लिए सरकार से आवाहन किया है| इसके साथ ही उन्होंने लघु व कुटीर उद्योग के माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार प्राप्त हो| सिंचाई सुविधा और वित्तीय सब्सिडी के माध्यम से कृषि क्षेत्र में बहुत कार्य किए जाने की आवश्यकता है|
उन्होंने कहा है कि जम्मू कश्मीर में पर्यटन के माध्यम से अपार रोजगार उपलब्ध कराने की संभावना है| उन्होंने यहां के युवा वर्ग को नशा प्रवृत्ति से दूर रहने का आह्वान किया है| उन्होंने कहा है कि नशा युवाओं की उनकी सारी विकास, उन्नति, सुख- शांति को समाप्त कर देगा| इसलिए नशा विरोधी कार्यक्रम और युवा सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है| जम्मू कश्मीर के विकास के लिए एक नई आशा के रूप में सूरत ठाकुर को युवाओं का एक नया ब्रांड एम्बेसडर माना जा रहा है| उन्होंने सभी राज्य वासियों से सरकारी ,
गैर सरकारी संगठनों से तथा स्थानीय समुदाय के लोगों से एकजुट होकर राज्य के भविष्य के निर्माण की अपील की है| ताकि सशक्त और विकसित ग्रामीण जम्मू कश्मीर का सपना साकार हो सके|